नाहन : भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) सिरमौर का 10वां वार्षिक दीक्षांत समारोह आज धौला कुआं स्थित इसके स्थायी परिसर में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। संस्थान की स्थापना के एक दशक पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में टाटा ट्रस्ट्स के सीईओ सिद्धार्थ शर्मा ने शिरकत की, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता आईआईएम सिरमौर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष अजय एस. श्रीराम ने की। इस ऐतिहासिक अवसर पर कुल 341 विद्यार्थियों को प्रबंधन के विभिन्न क्षेत्रों में डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें एमबीए, पर्यटन प्रबंधन, एग्जीक्यूटिव एमबीए और पीएचडी के छात्र शामिल रहे।
संस्थान के निदेशक डॉ. प्रफुल्ल वाई. अग्निहोत्री ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए शैक्षणिक वर्ष 2025-26 की शानदार उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद संस्थान ने प्लेसमेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस वर्ष 400 से अधिक कंपनियों ने संस्थान के साथ जुड़ाव किया, जिनमें एमजी मोटर्स, डाबर, ईवाई और अमूल जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल रहीं। छात्रों को अधिकतम 30 लाख रुपये प्रति वर्ष तक का पैकेज मिला, जबकि औसत सीटीसी 15.9 लाख रुपये रहा। निदेशक ने जर्मनी और फ्रांस के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के साथ हुए अंतरराष्ट्रीय समझौतों का भी जिक्र किया, जो संस्थान के वैश्विक विस्तार को दर्शाते हैं।

समारोह के मुख्य अतिथि सिद्धार्थ शर्मा ने स्नातक हो रहे छात्रों को संबोधित करते हुए नेतृत्व, विनम्रता और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाया। उन्होंने टाटा ट्रस्ट्स की विरासत का उदाहरण देते हुए कहा कि वास्तविक सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं, बल्कि समाज पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव से मापी जाती है। उन्होंने छात्रों को भविष्य की अनिश्चितताओं को अवसर के रूप में देखने और अपने नैतिक मूल्यों के साथ कभी समझौता न करने की सलाह दी। वहीं, अध्यक्ष अजय एस. श्रीराम ने कहा कि बदलते व्यावसायिक परिवेश में वही नेतृत्व सफल होता है जो पारदर्शिता और विश्वास पर आधारित हो।
इस वर्ष के दीक्षांत समारोह में कई गौरवशाली क्षण आए, जब विभिन्न श्रेणियों में मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदकों से नवाजा गया। एमबीए कार्यक्रम में शानदार प्रदर्शन के लिए केशव जसवाल को ‘चेयरमैन गोल्ड मेडल’ प्रदान किया गया, जबकि यश मुनोट को ‘डायरेक्टर गोल्ड मेडल’ के साथ-साथ सर्वश्रेष्ठ सर्वांगीण प्रदर्शन का पुरस्कार भी मिला। एग्जीक्यूटिव कार्यक्रमों में कुणाल गुप्ता और गुंजन कपूर ने स्वर्ण पदक प्राप्त किए। पर्यटन प्रबंधन में एक्कुस बीर सिंह आहूजा को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
यह समारोह आईआईएम सिरमौर की एक दशक की शैक्षणिक यात्रा के मील का पत्थर साबित हुआ। इस वर्ष विशेष रूप से पीएचडी और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे आधुनिक पाठ्यक्रमों के पहले बैच का स्नातक होना संस्थान के लिए गर्व का विषय रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिसके बाद परिसर में उत्सव और उत्साह का माहौल देखते ही बनता था। अभिभावकों और शिक्षकों ने उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ युवा प्रबंधकों को विदा किया।