चंबा: कृषि और संबद्ध विज्ञान के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य और उत्कृष्ट योगदान के लिए कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), चंबा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. धर्मिंदर कुमार को प्रतिष्ठित सर्वश्रेष्ठ केवीके प्रमुख पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान चंबा जिला के कृषि विकास और स्थानीय किसानों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

डॉ. धर्मिंदर कुमार को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार हाल ही में चंडीगढ़ स्थित महात्मा गांधी राज्य लोक प्रशासन संस्थान में आयोजित 7वें वैश्विक कृषि सम्मेलन (एग्रीकल्चरल ग्लोबल रिसर्च एंड इनोवेशन मीट फॉर एक्सीलेंस, इंगेजमेंट एंड ट्रांसफॉर्मेशन) के दौरान प्रदान किया गया। इस भव्य अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन अग्री मीट फाउंडेशन द्वारा जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (जोधपुर) और रूस की दक्षिण फेडरल यूनिवर्सिटी के विशेष सहयोग से किया गया था।
डॉ. कुमार को यह सम्मान मुख्य रूप से उनके प्रभावी नेतृत्व, समर्पित प्रसार सेवाओं, चंबा जिले में कृषि प्रौद्योगिकी को उन्नत करने और किसानों को सशक्त बनाने में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया गया है। उनके गतिशील और कुशल मार्गदर्शन में केवीके चंबा ने नवाचारपूर्ण कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने और क्षमता निर्माण में एक अग्रणी संस्था के रूप में अपनी पहचान बनाई है। व्यवस्थित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, तकनीकी प्रदर्शनों और नई तकनीक के प्रसार के माध्यम से केवीके ने स्थानीय किसानों की उत्पादकता और आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है।
डॉ. धर्मिंदर कुमार की इस शानदार अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय (नौणी) के कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने उनके निरंतर प्रयासों की जमकर सराहना की है और उन्हें विशेष शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही, विस्तार शिक्षा निदेशक और विश्वविद्यालय के समस्त कर्मचारियों ने भी डॉ. कुमार को इस गौरवमयी सम्मान के लिए अपनी हार्दिक बधाई प्रेषित की है।