सोलन: हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान L.R. ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूट्स, सोलन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 शिक्षकों को सशक्त बनाना, बदलाव की प्रेरणा देना विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के परिवर्तनकारी दृष्टिकोण पर मंथन करना और भारतीय शिक्षा प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप भविष्य के लिए तैयार करना था।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आधुनिक शैक्षणिक परिदृश्य में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है; नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे स्वयं को नई तकनीकों और शिक्षण विधियों के साथ अपडेट रखें।
सम्मेलन में देश के विभिन्न संस्थानों से आए विशिष्ट वक्ताओं ने NEP-2020 के कार्यान्वयन पर महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि साझा की। प्रो. कुलविंदर सिंह (पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला) ने शिक्षा और सामुदायिक सेवा के अंतर्संबंधों पर प्रकाश डाला। प्रो. कुलभूषण चंदेल (HPU) ने वाणिज्य और प्रबंधन शिक्षा में व्यवहारिक दृष्टिकोण की आवश्यकता बताई। जबकि प्रो. जोगिंदर सिंह धीमान (डीन प्लानिंग, HPU) ने शिक्षा नीति के रणनीतिक नियोजन और भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा की। प्रो. (डॉ.) रितिका शर्मा (CDOE, HPU) ने दूरस्थ शिक्षा और डिजिटल लर्निंग के महत्व को रेखांकित किया।
L.R. ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूट्स की प्रबंध निदेशक सुश्री शचि सिंह ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि शिक्षा जगत में क्रांति का आधार है। हमारा विज़न ‘Dream, Believe, Achieve’ इस नीति के साथ पूरी तरह मेल खाता है। हम ऐसे शिक्षक और छात्र तैयार करने के लिए समर्पित हैं जो ज्ञान का उपयोग असल ज़िंदगी की समस्याओं को सुलझाने में कर सकें।
सम्मेलन के सफल आयोजन में प्रो. डॉ. सुनील देश्टा (डायरेक्टर, लीगल स्टडीज) और प्रो. डॉ. P. P. शर्मा (एकेडमिक डायरेक्टर) ने संरक्षक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. निशा शर्मा (प्रिंसिपल B.Ed.), सह-संयोजक डॉ. अवनीत गुप्ता (प्रिंसिपल फार्मेसी) और गुलशन (HOD लीगल स्टडीज) के नेतृत्व में पूरी आयोजन समिति ने कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से संपन्न किया।
सम्मेलन में डॉ. श्वेता गुप्ता, डॉ. सुरेश चौहान, डॉ. कंचन बाला जसवाल, निशांत ठाकुर, मनन सिंह और हुसैन जैदी (Dy. Director Marketing & PRO) सहित विभिन्न विभागों के प्रमुखों और स्टाफ सदस्यों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सम्मेलन का समापन धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। इस अकादमिक महाकुंभ ने न केवल सोलन बल्कि पूरे प्रदेश के शिक्षाविदों को एक ऐसा मंच प्रदान किया जहाँ छात्र-केंद्रित और अनुसंधान-आधारित शिक्षा की नई रणनीतियों पर ठोस रूपरेखा तैयार की गई।