सोलन: एलआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, सोलन में एआईसीटीई (AICTE) द्वारा अनुमोदित तीन दिवसीय सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों (UHV-1) पर आधारित फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। एलएलआर एजुकेशनल ट्रस्ट की प्रबंध निदेशक सुश्री शचि सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस स्व-वित्तपोषित कार्यक्रम में विभिन्न संकायों के 90 उत्साही प्रतिभागियों ने भाग लिया।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के भीतर मानवीय चेतना और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना था, ताकि वे छात्रों को न केवल तकनीकी ज्ञान दें, बल्कि उन्हें एक बेहतर इंसान भी बना सकें। कार्यक्रम का समन्वय एलआर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की यूएचवी सेल की समन्वयक सहायक प्रोफेसर श्रीमती शिखा बाली ने अपनी टीम के साथ मिलकर प्रभावी ढंग से किया।
तीन दिनों तक चले इस गहन प्रशिक्षण सत्र का नेतृत्व मुख्य संसाधन व्यक्ति डॉ. प्रिया दर्शनी ने किया, जिसमें डॉ. गरिमा जोशी ने सह-सुविधाकर्ता और शिव कुमार ने पर्यवेक्षक की भूमिका निभाई। एफडीपी के दौरान इंटरैक्टिव चर्चाओं और चिंतनशील अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों को बुनियादी मानवीय आकांक्षाओं, विश्वास, सम्मान, सद्भाव, आत्म-अन्वेषण और नैतिक जीवन जीने की कला जैसे गंभीर विषयों पर प्रशिक्षित किया गया। आयोजन को सफल बनाने में प्रशासनिक प्रमुख सूरत सिंह, प्रिंसिपल होटल मैनेजमेंट डॉ. सुरेश चौहान, एचओडी इंजीनियरिंग निशांत ठाकुर, सुश्री शिवांगी वर्मा, सुश्री दिया शर्मा, नवीन, वीरेंद्र सूद और सुश्री करिश्मा शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समापन अवसर पर एलएलआर एजुकेशनल ट्रस्ट की प्रबंध निदेशक सुश्री शचि सिंह ने कार्यक्रम की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह पहल संस्थान की समग्र शिक्षा की दृष्टि के साथ पूरी तरह मेल खाती है और इसका शिक्षकों व छात्रों पर दूरगामी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वहीं, डॉ. प्रिया दर्शनी ने इसे एक समृद्ध अनुभव बताते हुए कहा कि इस कार्यक्रम से मिली सीख भविष्य की पीढ़ियों के चरित्र निर्माण में नींव का पत्थर साबित होगी। यह पहल शिक्षकों को युवाओं का सही मार्गदर्शन करने और समाज में मूल्य-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक सशक्त कदम है।