शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने रविवार को वित्त विभाग द्वारा आयोजित राज्य की वित्तीय स्थिति और राजस्व घाटा अनुदान (RDG) पर दी गई प्रस्तुति में विपक्ष की अनुपस्थिति को लेकर मीडिया में चल रही खबरों पर स्थिति स्पष्ट की है। सरकार ने मीडिया में प्रसारित हो रहे उन बयानों को पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यों से परे करार दिया है, जिनमें कहा जा रहा है कि विपक्ष को उचित सम्मान नहीं दिया गया या प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया।

सरकार ने तथ्यात्मक स्थिति रखते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वयं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर को औपचारिक पत्र लिखकर इस महत्वपूर्ण प्रस्तुति में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। विपक्ष द्वारा मीडिया में यह दावा करना कि आमंत्रण केवल सचिव स्तर के अधिकारी की ओर से आया था और प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ, पूरी तरह से गलत है।
वास्तविकता यह है कि नेता प्रतिपक्ष के साथ-साथ भाजपा के अन्य विधायकों को भी इस कार्यक्रम के लिए सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया गया था, लेकिन दुर्भाग्यवश उन्होंने इसमें भाग नहीं लिया। सरकार के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के हितों से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर विपक्ष का यह रवैया और बाद में भ्रामक बयानबाजी करना उचित नहीं है।
रविवार को आयोजित बैठक में 16वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) को बंद करने के फैसले पर गहन चर्चा की गई। प्रदेश सरकार ने आशंका जताई है कि केंद्र द्वारा इस महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता को रोकने से राज्य की आर्थिक स्थिति पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। मंत्रिमंडल ने माना कि आरडीजी के अभाव में प्रदेश में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं और जनहित की कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भारी दबाव बढ़ सकता है, जिससे आम जनता प्रभावित होगी।