नाहन : जिला मुख्यालय नाहन में पिछले कुछ समय से बुलेट चालकों द्वारा साइलेंसर के प्रयोग से बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए यातायात पुलिस ने सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस ने पिछले कल विशेष अभियान चलाकर अब तक पांच दोपहिया वाहनों के साइलेंसर और एक वाहन से हूटर जब्त किया है।
शहर में बुलेट मोटरसाइकिलों के तेज आवाज वाले साइलेंसरों से न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा था, बल्कि आम लोगों को भी परेशानी हो रही थी। इसे देखते हुए यातायात पुलिस ने अभियान शुरू किया। इस दौरान पांच दोपहिया वाहनों से साइलेंसर हटाकर अपने कब्जे में लिए गए। इसके अलावा, एक वाहन से अनावश्यक रूप से हूटर का प्रयोग करते पाए जाने पर उसे भी जब्त किया गया। पुलिस ने अभी तक इन चालकों के चालान नहीं काटे हैं, बल्कि उन्हें सख्त हिदायत दी गई है। चालकों को चेतावनी दी गई है कि अगर वे दोबारा इस तरह के साइलेंसर या हूटर का प्रयोग करते पाए गए, तो उनके खिलाफ चालान सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यातायात पुलिस का यह अभियान केवल ध्वनि प्रदूषण तक सीमित नहीं है। शहर के उन स्थानों से भी वाहनों को हटाया जा रहा है, जहां अनियमित पार्किंग के कारण इमरजेंसी वाहनों जैसे एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को आने-जाने में दिक्कत हो रही थी। होमगार्ड कमांडेंट ऑफिस जाने वाले मार्ग से वाहनों को हटाया गया, जिसके बाद अब यह रास्ता पूरी तरह साफ हो चुका है। इसी तरह, कोऑपरेटिव बैंक और अमरपुर मोहल्ले जैसे संकरे इलाकों से भी अवैध रूप से खड़े वाहनों को हटाने की कार्रवाई की गई। इन प्रयासों से शहर में यातायात का प्रवाह सुगम हुआ है।
इस अभियान को यातायात पुलिस प्रभारी विजय कुमार और हेड कांस्टेबल खेमराज के नेतृत्व में अंजाम दिया जा रहा है। यातायात पुलिस के अन्य कर्मचारी भी शहर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। विजय कुमार ने बताया, “हमारा मकसद नाहन को ध्वनि प्रदूषण और यातायात अव्यवस्था से मुक्त करना है। इसके लिए हम चालकों को जागरूक कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर सख्ती भी बरतेंगे।”
पुलिस ने शहरवासियों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और वाहनों को निर्धारित स्थानों पर ही पार्क करें। साथ ही, ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले साइलेंसरों और हूटरों के प्रयोग से बचें। पुलिस का कहना है कि जनता का सहयोग मिलने से ही नाहन में यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सकता है।