सोलन: सोलन प्रवक्ता संघ ने जनगणना-2027 के कार्य में शिक्षकों की स्कूल समय के बाद और छुटिटयों में करने की मंशा पर सवाल उठाए हैं। यहां जारी बयान में सोलन प्रवक्ता संघ के प्रधान जयलाल जलपाईक और महासचिव हेमंत शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नगर-निकाय और पंचायत चुनावों में शिक्षकों की व्यापक भागीदारी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई पहले ही प्रभावित हुई है और अब जनगणना जैसे बड़े कार्य में भी शिक्षकों को लगाने से शिक्षा व्यवस्था पर और प्रतिकूल असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव संपन्न हुए अभी एक महीना भी नहीं हुआ है। ऐसे में जनगणना कार्य के लिए पुन: शिक्षकों की सेवाएं लेना उचित नहीं होगा। संघ ने कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि जनगणना एक महत्वपूर्ण और जटिल कार्य है, लेकिन इसका बोझ शिक्षकों पर डालना विद्यार्थियों के हित में नहीं है। उनका कहना है कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी पहले से ही महसूस की जा रही है और यदि उन्हें गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया जाता रहा तो शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
संघ के पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की है कि जनगणना कार्य के लिए अन्य विभागों के कर्मचारियों या अलग व्यवस्था का सहारा लिया जाए तथा शिक्षकों को इस कार्य से मुक्त रखा जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनका मुख्य दायित्व विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। सोलन प्रवक्ता संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षकों को जनगणना कार्य में लगाने का निर्णय वापस नहीं लिया गया तो संघ इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाने पर विचार करेगा।