ऊना: हिमाचल प्रदेश को फार्मास्युटिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और बैकवर्ड इंटीग्रेशन की दिशा में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऊना जिला के पोलियां में बहुप्रतीक्षित बल्क ड्रग पार्क के साइट डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों का विधिवत शिलान्यास किया। 2,071 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना हिमाचल को वैश्विक फार्मा मानचित्र पर एक नई पहचान देगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पंजुआना में 8.28 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले वर्किंग वुमन हॉस्टल का भी शिलान्यास किया। यह हॉस्टल औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित आवास प्रदान करेगा, जिसमें 50 महिलाओं के रहने की सुविधा होगी। 1,405 एकड़ में फैली इस विशाल परियोजना के माध्यम से ऊना को राष्ट्रीय स्तर के औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
यह पार्क ₹8,000 से ₹10,000 करोड़ का निवेश आकर्षित करेगा और 20,000 लोगों के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करेगा। आगामी जून माह में देश के बड़े फार्मा घरानों के साथ एमओयू (MoU) हस्ताक्षरित किए जाएंगे। पार्क को पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल और तकनीकी रूप से उन्नत बनाया जा रहा है।
जल शक्ति विभाग ₹68.49 करोड़ की लागत से 15 MLD जलापूर्ति सुनिश्चित कर रहा है, जबकि ₹32.76 करोड़ के बिजली कार्य प्रगति पर हैं। 5 MLD का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ZLD आधारित) और 50,000 टन वार्षिक क्षमता का खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन सिस्टम स्थापित किया जाएगा। शोध और गुणवत्ता जांच के लिए एक अत्याधुनिक केंद्र भी बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि यह राष्ट्रीय महत्व का प्रोजेक्ट है जो देश की एपीआई (API) आयात पर निर्भरता को कम करेगा। उन्होंने अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकार इस परियोजना को समयबद्ध पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल देगा। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि 16 हेक्टेयर भूमि के समतलीकरण का कार्य जारी है और पर्यावरण मानकों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है।
इस अवसर पर HPSIDC के उपाध्यक्ष अनुराग शर्मा, विधायक सुदर्शन बबलू, पूर्व विधायक सतपाल सिंह रायजादा सहित विभिन्न औद्योगिक संघों और हिमाचल ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।