एल.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स सोलन में युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति पर गंभीर मंथन

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By Hills Post

सोलन: एल.आर. ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स, सोलन के ऑडिटोरियम में युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति जैसे अत्यंत संवेदनशील विषयों पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘The Invisible Chain: Navigating Mental Health & Addiction in Youth’ विषय पर एक प्रभावशाली और विचारोत्तेजक पैनल चर्चा का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य इन गंभीर मुद्दों पर एक खुला और सार्थक संवाद स्थापित करना था, ताकि युवा पीढ़ी को सही दिशा दिखाई जा सके।

इस महत्वपूर्ण पैनल चर्चा में शिक्षा और प्रशासन जगत के कई गणमान्य विशेषज्ञों ने अपने सारगर्भित विचार साझा किए। एमएमयू (MMU) सोलन के माननीय कुलपति डॉ. रवि चंद शर्मा ने छात्रों पर पड़ रहे भारी अकादमिक दबाव और सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों पर गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक संतुलित और सशक्त व्यक्तित्व का निर्माण करना होना चाहिए। वहीं, जिला सोलन के एसडीपीओ (SDPO) अनिल शर्मा ने युवाओं में नशे की लत के प्रारंभिक संकेतों, साथियों के दबाव और कानूनी जागरूकता के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को सचेत, जागरूक और एक जिम्मेदार नागरिक बनने का कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय (नौणी) के सेवानिवृत्त डीन डॉ. के.के. शर्मा ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ ध्यान और आध्यात्मिक पक्ष को भी अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा लक्ष्य तक पहुंचने का मार्ग तो अवश्य दिखाती है, लेकिन सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता हमें एक बेहतर इंसान बनाती है, जो केवल आंतरिक जागरूकता, आत्मचिंतन और सकारात्मक सोच से ही संभव है। इसी कड़ी में, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बी.के. बबीता ने तनाव प्रबंधन और आत्म-अन्वेषण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आंतरिक शांति और आध्यात्मिक जागरूकता ही युवाओं को जीवन में सकारात्मक दिशा प्रदान कर सकती है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रबंध निदेशक सुश्री शचि सिंह ने युवाओं को राष्ट्र की सच्ची शक्ति और भविष्य बताते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य व नशा मुक्ति जैसे ज्वलंत विषयों पर खुली चर्चा समय की सबसे बड़ी मांग है। उन्होंने आश्वस्त किया कि संस्थान विद्यार्थियों को सुरक्षित और मूल्य-आधारित वातावरण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस अवसर पर एचओडी गुलशन, डॉ. सुरेश चौहान, निशांत, डॉ. अवनीत गुप्ता, डॉ. कंचन बाला जसवाल और डॉ. श्वेता संधू सहित कई प्राध्यापक व गणमान्य अतिथि गरिमामयी उपस्थिति में रहे। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से विशेषज्ञों के साथ सार्थक संवाद किया।

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