नाहन : जिला सिरमौर के पांवटा साहिब उपमंडल के तहत प्रतिबंधित वन्यजीव काकड़ (नॉदर्न रेड मुंटजैक) के शिकार मामले में वन विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी दर्शन लाल को तीन दिन की विभागीय रिमांड पूरी होने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे 10 फरवरी 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब इस पूरे प्रकरण की जांच की आधिकारिक जिम्मेदारी एसीएफ पांवटा साहिब आदित्य शर्मा (HPFS) को सौंपी गई है, जो इस अवैध शिकार के पीछे छिपे पूरे नेटवर्क को खंगाल रहे हैं।
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से शिकार की घटना को अंजाम दिया था। आरोपी ने कुकड़ों के जंगल में एक पेड़ पर बैठकर नीचे मौजूद काकड़ पर गोली चलाई थी। शिकार करने के बाद आरोपी ने पकड़े जाने के डर से मृत काकड़ को पहले एक कंबल में लपेटा और फिर जंगल में ही कुछ दूरी पर ले जाकर साल के पत्तों के ढेर के नीचे छिपा दिया। बाद में वह मौका पाकर इसे अपने घर किशनकोट ले आया। विभाग को घटनास्थल से वे साल के पत्ते भी बरामद हुए हैं जिनका उपयोग मांस को छिपाने के लिए किया गया था। इसके अतिरिक्त, काकड़ के शरीर से कारतूस के छर्रे (pellets) भी बरामद किए गए हैं, जो अवैध शिकार के पुख्ता सबूत हैं।

जांच टीम जब आरोपी के घर पहुंची तो वहां से मिले साक्ष्यों से साफ हुआ कि वह इस अवैध धंधे को काफी समय से पेशेवर तरीके से कर रहा था। आरोपी के आंगन में मांस तोलने के लिए एक वेट मशीन मिली है, जिससे वह वजन के हिसाब से मांस बेचता था। साथ ही मौके से बड़ी मात्रा में छोटे प्लास्टिक के पैकेट भी बरामद हुए हैं, जिनका इस्तेमाल मांस की सप्लाई के लिए किया जाता था। हालांकि, आरोपी अभी पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा है और उन लोगों के नाम उजागर करने से बच रहा है जिन्हें वह यह मांस बेचता था। विभाग अब इस संभावित नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है ताकि इस अवैध व्यापार में शामिल अन्य खरीदारों को भी पकड़ा जा सके।
गौरतलब है कि वन विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर ग्राम पंचायत अजोली के किशनकोट गांव में छापेमारी कर आरोपी को उस वक्त रंगे हाथों गिरफ्तार किया था, जब वह घर में मांस के टुकड़े कर रहा था। मौके से एक डबल बैरल राइफल, जिंदा कारतूस और मांस काटने के औजार बरामद किए गए थे। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विभाग अब कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कर रहा है। एसीएफ आदित्य शर्मा ने पुष्टि की है कि आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और जांच की दिशा अब मांस के खरीदारों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने की ओर है।