शिमला : कजाकिस्तान के शैक्षणिक और औद्योगिक दौरे पर गए हिमाचल प्रदेश के 30 आईटीआई प्रशिक्षुओं से मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने फोन पर सीधे बातचीत की। मुख्यमंत्री ने सभी प्रशिक्षुओं के अनुभवों की जानकारी ली और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने अनुभवों को साझा करने और वहां की आधुनिक तकनीक को गहराई से सीखने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षुओं से बातचीत के बाद अपने अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, जब प्रदेश के युवाओं को दुनिया को करीब से देखने और सीखने का अवसर मिलता है, तो उनके ज्ञान में वृद्धि के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास भी नई बुलंदियों को छूता है। यह शैक्षणिक दौरा न केवल हमारे युवाओं को नई तकनीकों और वैश्विक कार्य संस्कृति से परिचित करवाएगा, बल्कि उन्हें अपनी आंतरिक क्षमताओं को एक नए नजरिए से पहचानने का मौका भी देगा।

मुख्यमंत्री ने हिमाचल सरकार की नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार पूर्व में भी ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ और अन्य बच्चों को देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों के दौरों पर भेजती रही है। ऐसी हर यात्रा से युवाओं के भीतर नई सोच, नए सपने और आगे बढ़ने का एक नया हौसला पैदा होता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी हिमाचल के बच्चों को देश-विदेश के ऐसे दौरों पर लगातार भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने आधुनिक वैश्विक परिदृश्य पर जोर देते हुए कहा, “आज जब दुनिया इतनी तेजी से बदल रही है, तो यह समय की मांग है कि हम अपने युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अवसरों और आधुनिक कौशल से जोड़ें। हमारा निरंतर यही प्रयास है कि हिमाचल का हर युवा अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर दुनिया के किसी भी मंच पर मजबूती से खड़ा हो सके।”
हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री राजेश धर्माणी भी खुद इस एक्सपोजर विजिट पर प्रशिक्षुओं के साथ कजाकिस्तान गए हैं। इस दल में प्रदेश की विभिन्न राजकीय आईटीआई के 30 मेधावी प्रशिक्षु शामिल हैं, जो कजाकिस्तान के अल्माटी में प्रमुख औद्योगिक इकाइयों का दौरा कर विश्व स्तरीय तकनीकी प्रक्रियाओं और विनिर्माण (Manufacturing) प्रणालियों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं।