नाहन : जिला उद्योग केंद्र (DIC), सिरमौर (नाहन) द्वारा MSME के प्रदर्शन को बेहतर करने और गति देने के उद्देश्य से भारत सरकार की महत्वपूर्ण ‘रैंप’ (RAMP) पहल के अंतर्गत एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम औद्योगिक क्षेत्र काला अंब के ग्राम जोहरान स्थित CFC बिल्डिंग में संपन्न हुआ, जिसमें स्थानीय उद्यमियों और उद्योगों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सत्र की अध्यक्षता गुरुप्यारा राम (सदस्य सचिव, DIC काला अंब) और मनीष माजटा (इकोनॉमी इन्वेस्टिगेटर) द्वारा की गई। इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को आधुनिक तकनीक अपनाकर अपनी उत्पादकता, दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के दौरान तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने डिजिटल बदलाव पर विस्तार से चर्चा की। CEL के विषय विशेषज्ञ इलैयाराजा सावरी मारियादास ने जानकारी दी कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), मशीन लर्निंग (ML), स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी तकनीकें MSMEs के परिचालन को आधुनिक बना सकती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ERP और CRM सिस्टम जैसी डिजिटल तकनीकें न केवल गुणवत्ता में सुधार करती हैं, बल्कि परिचालन लागत को कम करने में भी सहायक सिद्ध होती हैं। इसके साथ ही, ट्रेनर इशांत डोगरा ने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल पर एक सूचनात्मक सत्र लिया, जिसमें उन्होंने प्रतिभागियों को सरकारी खरीद पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया और इसके अनेक लाभों के बारे में विस्तार से समझाया।

वित्तीय प्रबंधन और बाजार पहुंच को लेकर भी कार्यक्रम में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया गया। दीक्षित रावल ने TReDS (Trade Receivables Discounting System) पर सत्र आयोजित किया, जिसमें उन्होंने एमएसएमई व्यवसायों के लिए त्वरित भुगतान सुनिश्चित करने और बेहतर कैश-फ्लो प्रबंधन के फायदों पर प्रकाश डाला। इस दौरान उद्यमियों को डिजिटल मार्केट एक्सेस पाने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करने की सलाह भी दी गई। इस अवेयरनेस कैंपेन में कंस्ट्रक्शन मटेरियल, हेल्थकेयर, केमिकल्स, फार्मा, पैकेजिंग, स्टील, ग्लास और प्लास्टिक जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े 15 प्रमुख MSMEs के लगभग 35 प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जो क्षेत्र के मुख्य मैन्युफैक्चरिंग और प्रोसेसिंग सेक्टर का प्रतिनिधित्व करते हैं।
भारत सरकार के MSME मंत्रालय द्वारा समर्थित ‘रैंप’ पहल का मुख्य फोकस MSME इकोसिस्टम को मजबूत करना और तकनीकी अपग्रेडेशन के माध्यम से भारतीय उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। समापन अवसर पर श्री गुरुप्यारा राम ने उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने हेतु स्मार्ट टेक्नोलॉजी को अपनाना अब समय की मांग है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और सतत विकास के लिए ऐसी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का समापन एक विस्तृत प्रश्न-उत्तर (Q&A) सत्र और क्लस्टर स्तर पर ‘इंडस्ट्री 4.0’ समाधानों को लागू करने की व्यावहारिक चर्चा के साथ हुआ।