शिमला : उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने आज यहां जारी प्रेस वक्तव्य में कहा है कि नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर तथ्यहीन बयानबाजी कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमेंट के दाम सरकार द्वारा तय नहीं किए जाते हैं। सीमेंट का उत्पादन निजी कम्पनियों द्वारा किया जाता है और दाम कम्पीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। इस तथ्य से आम जन भी भली भांति परिचित हैं। प्रदेश सरकार ने सीमेंट पर लगने वाले टैक्स में किसी भी तरह की बढ़ौतरी नहीं की है जिससे कि सीमेंट के दामों में वृद्धि हो।
उद्योग मंत्री और तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रदेश में सीमेंट के दाम वर्तमान दामों से 40 से 50 रुपये अधिक थे। वर्तमान सरकार ने लोगों को मंहगाई से राहत प्रदान करने के लिए निरन्तर कदम उठाए हैं। समाज के उपेक्षित तथा कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों में सुर्खियां प्राप्त करने के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। आपदा प्रभावितों के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने विशेष राहत पैकेज लाया है, जिसके तहत नुकसान होने पर प्रदान की जाने वाली राहत राशि में कई गुना बढ़ौतरी की गई है।
हर्षवर्धन चौहान और राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार आपदा से क्षतिग्रस्त लोगों के घर, दुकान और सार्वजनिक आधारभूत ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को बयान जारी करने से पहले तथ्यों की जांच करने का परामर्श देते हुए कहा कि प्रदेश की जनता वास्तविकता से भली भांति परिचित है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को अपना ध्यान पीडीएनए की उस राशि पर केन्द्रित करना चाहिए जिसे केन्द्र सरकार ने अभी तक प्रदेश के लिए जारी नहीं किया है। प्रदेश की जनता प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये के पैकेज का अभी भी इंतजार कर रही है। नेता प्रतिपक्ष को इस सम्बन्ध में भी प्रकाश डालना चाहिए।