खाकी में मानवीय चेहरा: नाहन में अज्ञात बेसुध व्यक्ति की जान बचाने के लिए ढाल बने पुलिस जवान

नाहन : हिमाचल प्रदेश पुलिस अक्सर अपने अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जानी जाती है, लेकिन नाहन में पुलिस जवानों ने संवेदनशीलता और इंसानियत की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है। गुन्नूघाट पुलिस चौकी के जवानों ने न केवल एक अज्ञात मूर्छित व्यक्ति को समय रहते अस्पताल पहुंचाया, बल्कि घंटों तक एक तिमारदार की तरह उसकी तीमारदारी में भी जुटे रहे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को सुबह करीब 10:00 बजे सूचना मिली थी कि क्षेत्र में एक अज्ञात व्यक्ति बेसुध अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही गुन्नूघाट पुलिस टीम के हेड कांस्टेबल अरुण कुमार, प्रशांत तोमर, चमन लाल और मदन बिना कोई समय गंवाए तुरंत मौके पर पहुंचे। जवानों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल 108 एम्बुलेंस बुलाई और उस बेसुध व्यक्ति को डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, नाहन पहुंचाया।

अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने अज्ञात व्यक्ति का आपातकालीन उपचार शुरू किया। हालांकि, व्यक्ति को होश नहीं आ पाया था और उसकी पहचान भी स्थापित नहीं हो सकी थी। इसके बावजूद पुलिस जवान सुबह से लेकर देर शाम तक अस्पताल में ही डटे रहे और एक परिजन की तरह उसकी देखरेख करते रहे। हेड कांस्टेबल अरुण कुमार, प्रशांत तोमर, कांस्टेबल मदन और चमन लाल ने खाकी वर्दी के पीछे छिपी निस्वार्थ मानवीय संवेदनाओं का परिचय दिया।

मेडिकल कॉलेज नाहन में प्राथमिक उपचार के बाद भी जब अज्ञात व्यक्ति की हालत में सुधार नहीं हुआ और उसकी स्थिति नाजुक बनी रही, तो डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया।

व्यक्ति की गंभीर स्थिति को देखते हुए पुलिस विभाग ने उसे अकेला नहीं छोड़ा। कांस्टेबल चमन लाल और करमजीत खुद एम्बुलेंस में मरीज के साथ PGI चंडीगढ़ के लिए रवाना हुए हैं, ताकि रास्ते में और अस्पताल पहुंचने पर उसकी चिकित्सा प्रक्रियाओं में कोई बाधा न आए।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।