नाहन : गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने तथा देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर संत समाज द्वारा देशव्यापी जनजागरण अभियान का शुभारंभ कर दिया गया है। इसी कड़ी में 27 अप्रैल को पूरे देश में ‘गौसम्मान दिवस’ मनाने की घोषणा की गई है।
संतों ने बताया कि बीते वर्ष वृंदावन में आयोजित संत सम्मेलन में इस अभियान को चलाने का निर्णय लिया गया था। यह अभियान गौमाता के संरक्षण के उद्देश्य से नंदी बाबा की अध्यक्षता में संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत देश की लगभग 5000 तहसीलों से प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और राज्यपालों को 5 करोड़ हस्ताक्षरों सहित ज्ञापन सौंपे जाएंगे।

अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए जयपुर (राजस्थान) और मध्यप्रदेश से संतों की एक टोली पांवटा साहिब पहुंची। यहां उन्होंने समाज के सभी वर्गों, विशेषकर सनातन धर्मावलंबियों से इस पवित्र अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। संतों ने कहा कि गौसंरक्षण भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है तथा इसे संरक्षित करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
इस अवसर पर श्री ब्रह्मचारी हेमराज (विदिशा गौशाला, मध्यप्रदेश), तपस्वी श्रीरामदास बाबा (अरावली गुफा, राजस्थान), श्री धीरज जी (झालावाड़), श्री अंगददास जी (दारूदयाल गौशाला, जयपुर) सहित कई संत उपस्थित रहे।
साथ ही स्थानीय स्तर पर गौसेवा से जुड़े सतीश गोयल (सैनवाला गौशाला संचालक), अनूप अग्रवाल (माजरा गौशाला संचालक), सचिन ओबराय (बहराल गौशाला), गौसेवक नरेंद्र शर्मा, नाथूराम चौहान, अजय संसरवाल एवं राकेश शर्मा की भी मौजूदगी रही।
संतों ने कहा कि ‘गौसम्मान दिवस’ के माध्यम से जनमानस को गौमाता के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा तथा सरकार से सख्त और प्रभावी कानून बनाने की मांग को सशक्त रूप से रखा जाएगा। उन्होंने सभी नागरिकों से हस्ताक्षर अभियान में भाग लेकर गौसंरक्षण के इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया।