शिमला : डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अभिव्यक्ति की आज़ादी का दुरुपयोग करना एक युवक को महंगा पड़ गया। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनके परिवार के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री साझा करने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को हरियाणा-हिमाचल सीमा से नाटकीय ढंग से गिरफ्तार किया है।
आरोपी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें मुख्यमंत्री, उनकी पत्नी और परिजनों के विरुद्ध बेहद अशोभनीय और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया था। वीडियो के वायरल होते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। इस मामले में 17 फरवरी को रक्कड़ पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई थी। मुकदमा दर्ज होते ही आरोपी गिरफ्तारी के डर से भूमिगत हो गया था।

फरार आरोपी को पकड़ने के लिए एसपी मयंक चौधरी के नेतृत्व में साइबर सेल और डी.एस.आई. (DSI) की संयुक्त टीम का गठन किया गया। तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट्स की मदद से पुलिस ने आरोपी की घेराबंदी शुरू की। देहरा पुलिस ने बद्दी पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर हरियाणा सीमा पर जाल बिछाया और राज्य से बाहर भागने की कोशिश कर रहे आरोपी को दबोच लिया।
वर्तमान में आरोपी पुलिस की हिरासत में है, जहाँ विशेष टीम उससे गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि आरोपी के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस अधिकारियों ने संदेश दिया है कि, “सोशल मीडिया कोई बेलगाम या अराजक मंच नहीं है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की भी अपनी मर्यादाएँ हैं। यदि कोई भी व्यक्ति किसी की व्यक्तिगत गरिमा को ठेस पहुँचाने, भड़काऊ सामग्री साझा करने या समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास करेगा, तो कानून उसके खिलाफ पूरी सख्ती से निपटेगा।”