नाहन डिपो की बस में नाहन वालों को ही टिकट नहीं! चंडीगढ़ बस स्टैंड पर घंटों भटके छात्र

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By पंकज जयसवाल

नाहन : दीपावली के पावन अवसर पर अपने घर लौटने की आस में बस स्टैंड पहुंचे यात्रियों को चंडीगढ़ के आईएसबीटी-43 पर भारी फजीहत और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। बीती रात त्यौहार की भारी भीड़ के बीच हिमाचल पथ परिवहन निगम के इंक्वायरी व टिकट काउंटर पर तैनात कर्मियों की संवेदनहीनता और अड़ियल रवैया खुलकर सामने आया। नाहन और सिरमौर क्षेत्र की ओर जाने वाले यात्रियों, विशेषकर विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को घंटों भटकने पर मजबूर होना पड़ा।

खरड़, मोहाली और आसपास के इलाकों से भारी किराया खर्च कर कई छात्र-छात्राएं शाम 7 बजे से ही बस स्टैंड पर कतार में खड़े थे। इनमें कई युवा लड़कियां भी शामिल थीं। जब भी कोई बस पहुंचती, तो काउंटर पर बैठे कर्मचारी एक ही रटा-रटाया जवाब देकर उन्हें वापस लौटा देते कि “देहरादून से पहले की सवारी को टिकट नहीं मिलेगा”।

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि रात करीब 10:30 बजे चलने वाली बस खुद नाहन(HP-18C 4793) डिपो की ही थी, लेकिन इसके बावजूद नाहन जाने वाले स्थानीय यात्रियों को टिकट देने से साफ इनकार कर दिया गया। रात के वक्त मोहाली या खरड़ जैसे दूर-दराज इलाकों के लिए वापस जाना न सिर्फ महंगा था, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी युवतियों और छात्रों के लिए बेहद जोखिम भरा था। जब यात्रियों ने अपनी परेशानी बताई, तो कर्मचारियों का जवाब था—”जो करना है कर लो, टिकट नहीं मिलेगी।”

काउंटर पर हंगामे और यात्रियों की दुर्दशा की सूचना मिलते ही ‘हिल्स पोस्ट’ मीडिया की टीम ने देर रात तुरंत संज्ञान लिया और सिरमौर के क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) से टेलीफोन पर बात कर जमीनी स्थिति से अवगत कराया। आरएम सिरमौर के कड़े हस्तक्षेप और निर्देशों के बाद आखिरकार यात्रियों को नाहन डिपो की बस में चढ़ने की अनुमति दी गई। हालांकि, राहत मिलने के बावजूद बस में सीटें पूरी तरह बुक होने के कारण कई यात्रियों व छात्रों को रातभर खड़े-खड़े ही सफर तय करके नाहन पहुंचना पड़ा।

सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि सिरमौर और नाहन के हजारों युवा पढ़ाई, कोचिंग और नौकरियों के सिलसिले में चंडीगढ़, मोहाली, खरड़ और आसपास के क्षेत्रों में रह रहे हैं। त्यौहारों या छुट्टियों के मौकों पर जब ये छात्र और युवा अपने घर लौटना चाहते हैं, तो उन्हें इस तरह की बदइंतज़ामी और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है।

त्यौहार के दिन जब हर कोई समय पर सुरक्षित अपने परिवार के पास पहुंचना चाहता है, ऐसे में नाहन डिपो की बस में ही नाहन की सवारियों को टिकट न देना HRTC की लचर व्यवस्था और इंक्वायरी कर्मियों के तानाशाही रवैये को उजागर करता है। पीड़ित यात्रियों और अभिभावकों ने निगम प्रबंधन से मांग की है कि ऐसे गैर-जिम्मेदार कर्मचारियों पर तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए और त्यौहारों के मौके पर अतिरिक्त बसों का सुचारू प्रबंध किया जाए ताकि भविष्य में किसी छात्र या यात्री को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में लंबे समय का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।