नाहन नगर परिषद का हंटर: 55 बकायादारों पर कोर्ट केस, 93 लाख की वसूली की तैयारी

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By पंकज जयसवाल

नाहन : शहर में नगर परिषद की दुकानों का किराया लंबे समय से दबाकर बैठे दुकानदारों के खिलाफ प्रशासन ने अब निर्णायक जंग छेड़ दी है। नगर परिषद (MC) ने दशकों से किराया न चुकाने वाले 55 बकायादारों (डिफॉल्टर) किरायेदारों के खिलाफ कोर्ट के माध्यम से कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इन डिफॉल्टर्स पर परिषद का कुल 93 लाख रुपए का बकाया लंबित है।

नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन ने अब सख्ती बरतने का मन बना लिया है। बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद भी जब किराएदारों ने भुगतान में रुचि नहीं दिखाई, तो परिषद ने कोर्ट का रुख किया। अब तक हुई कार्रवाई के तहत 36 बकायादारों को कोर्ट के माध्यम से नोटिस भेजे गए थे, जिसका सकारात्मक असर देखने को मिला है और अब तक करीब 22 लाख रुपए की रिकवरी की जा चुकी है।

नगर परिषद नाहन

परिषद ने अब अगले चरण में शेष 19 अन्य बकायादारों (डिफॉल्टरों) को भी नोटिस जारी कर दिए हैं। संजय कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकारी राजस्व को इस तरह दबाकर रखने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही नगर परिषद के रडार पर वे लोग भी हैं जिन्होंने परिषद से कम दाम पर दुकान लेकर उन्हें आगे महंगे दामों पर ‘सब-लेटिंग’ (किसी और को किराए पर देना) कर रखा है।

कार्यकारी अधिकारी के अनुसार, उन्हें सब-लेटिंग की कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनकी जांच की जा रही है। यदि ये शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो परिषद न केवल उन पर जुर्माना लगाएगी बल्कि उनकी लीज रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर सकती है। नगर परिषद के इस कड़े रुख से शहर के अन्य दुकानदारों में भी हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द बकाया 93 लाख रुपए की वसूली कर शहर के विकास कार्यों में तेजी लाई जाए।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।