नाहन : त्योहारों का असली रंग केवल खरीदारी, पटाखों या मिठाइयों में ही नहीं, बल्कि किसी चेहरे पर खिली मुस्कान में झलकता है। धनतेरस के पावन पर्व पर सिरमौर जिला मुख्यालय नाहन पहुंचे अंतरराष्ट्रीय रेसलर ‘द ग्रेट खली’ ने कुछ ऐसा ही किया। रिंग में विरोधियों पर हावी रहने वाले विशालकाय खली का एक बेहद सौम्य और संवेदनशील रूप नाहन के पक्का टैंक स्थित ‘आस्था स्पेशल स्कूल’ में देखने को मिला, जब उन्होंने अपना कीमती समय इन विशेष बच्चों के बीच बिताया।
मुलाकात के दौरान एक बेहद दिलचस्प और दिल छू लेने वाला वाकया सामने आया। जब एक बच्चे से पूछा गया कि उसके सामने कौन खड़ा है, तो उसने बिना कुछ बोले मुस्कुराते हुए अपने हाथों से डोले (बाईसेप्स) बनाकर दिखा दिए। बच्चे के इस मासूम और अनोखे अंदाज को देखकर खली अपनी हंसी नहीं रोक पाए। उनके साथ मौजूद स्कूल स्टाफ और अन्य लोग भी ठहाके लगाने लगे। यह छोटा सा पल इस पूरी मुलाकात का सबसे यादगार और खूबसूरत हिस्सा बन गया।

विशेष बच्चों संग बिताए पलों को याद करते हुए द ग्रेट खली ने कहा कि इन बच्चों का दिल बेहद साफ होता है और इनकी अपनी एक अलग ही दुनिया है। इनके चेहरे पर खुशी लाना और इनके साथ समय बिताना बेहद सुकून देने वाला अनुभव है। खली के जाने के बाद भी स्कूल में जश्न का माहौल बना रहा और बच्चे पहाड़ी गानों की धुनों पर देर तक झूमते व नाचते रहे।
धनतेरस पर जहाँ लोग बाजार में व्यस्त रहे, वहीं खली की यह पहल एक बड़ा संदेश दे गई कि असली ताकत शरीर में नहीं, बल्कि किसी उदास चेहरे पर मुस्कान लाने में होती है।