नाहन : देववाणी संस्कृत भाषा के संवर्धन और विद्यार्थियों में इसके प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से भाषा एवं संस्कृति विभाग, जिला सिरमौर द्वारा गोरक्षनाथ राजकीय संस्कृत महाविद्यालय नाहन में जिला स्तरीय ‘संस्कृत सप्ताह महोत्सव’ का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत संस्कृत स्वागत गीत से हुई। इसके बाद भाषा एवं संस्कृति विभाग की जिला अधिकारी कांता नेगी ने कहा कि संस्कृत हमारी भारतीय संस्कृति, ज्ञान, साहित्य एवं परंपरा की अमूल्य धरोहर है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के प्रति प्रेम और भाषा संरक्षण की भावना जागृत करना है।

कार्यक्रम में उप निदेशक (उच्च शिक्षा) डॉ. मदन लाल ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा, “संस्कृत हमारी मूल भाषा है और हमें इसे अपनी दैनिक बोलचाल में शामिल करना चाहिए। आज की युवा पीढ़ी पाश्चात्य संस्कृति की ओर अधिक आकर्षित हो रही है, जिससे इस भाषा का दैनिक उपयोग कम हो रहा है। सरकारी स्कूलों के छात्रों को संस्कृत की ओर प्रेरित करने के लिए जल्द ही ठोस कदम उठाए जाएंगे।”
संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में जिले के 25 स्कूलों के लगभग 110 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन स्पर्धाओं में श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता में राजकीय उच्च विद्यालय सिरमौरी ताल की प्रतिज्ञा ने प्रथम, बनाह की सैर स्कूल के हर्षित ठाकुर ने द्वितीय तथा छोऊ भोगर स्कूल की स्नेहा शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं एकल गीतिका गायन में ए.वी.एन. स्कूल नाहन की स्निग्धा प्रथम, छोऊ भोगर स्कूल की संजना द्वितीय और एस.वी.एन. स्कूल नाहन की जैस्मिन कौर तीसरे स्थान पर रहीं।
निबंध लेखन प्रतियोगिता में ए.वी.एन. स्कूल नाहन की समृद्धि भारद्वाज ने पहला, बनाह की सैर की साक्षी ठाकुर ने दूसरा तथा पाइनवुड पब्लिक हाई स्कूल जमटा की यशस्वी ने तीसरा स्थान हासिल किया। इसके अतिरिक्त, प्रश्नोत्तरी (क्विज़) स्पर्धा में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मुगलावाला करतारपुर की अंशिका व अनन्या चौधरी की जोड़ी प्रथम रही, जबकि पाइनवुड हिल पब्लिक स्कूल जमटा की स्मृति व अवनी ने द्वितीय और राजकीय उच्च विद्यालय सिरमौरी ताल के सूरज व महक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिताओं में निर्णायक मंडल की भूमिका गोरक्षनाथ महाविद्यालय के आचार्य डॉ. सुमीता, डॉ. सीमा वर्मा, डॉ. सोमदत्त, डॉ. ओंकार और लायकराम शास्त्री ने निभाई।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नरेश शर्मा ने बताया कि हर वर्ष श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर संस्कृत सप्ताह महोत्सव का आयोजन नियमित रूप से किया जाता है। कार्यक्रम के अंत में आचार्य डॉ. सोमदत्त ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का धन्यवाद किया।