पांवटा साहिब में खूनी भिड़ंत: दिवाली का शगुन लेने को लेकर भिड़े किन्नर समाज के दो गुट

Photo of author

By पंकज जयसवाल

नाहन : औद्योगिक क्षेत्र पांवटा साहिब में शगुन और बधाई लेने के अधिकार को लेकर किन्नर समुदाय के दो पक्षों के बीच तनाव और मारपीट का मामला सामने आया है। बातामंडी स्थित एक निजी कंपनी परिसर में दीवाली का शगुन लेने गई एक किन्नर के साथ पुरानी रंजिश और वर्चस्व के विवाद के चलते दूसरे गुट द्वारा मारपीट करने और धमकियां देने का आरोप लगा है। पुलिस थाना पांवटा साहिब में पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पुलिस को दी गई शिकायत में वार्ड नंबर-09, देवीनगर (पांवटा साहिब) की रहने वाली ज्योति महंत ने बताया कि वह समुदाय से ताल्लुक रखती हैं और इलाके में बधाई व शगुन लेने का कार्य करती हैं। पूर्व में वह गद्दीपति गुरु राजकुमारी महंत की शिष्या हुआ करती थीं, लेकिन किन्हीं कारणों से वह उनसे अलग हो चुकी हैं और अब स्वतंत्र रूप से अपने शिष्यों के साथ क्षेत्र में शगुन देने जाती हैं।

शिकायतकर्ता के अनुसार, बीती 9 अक्टूबर को वह अपने शिष्यों के साथ पाँवटा साहिब के बातामंडी स्थित बालाजी कंपनी में दीवाली का शगुन लेने गई हुई थीं। जब वह कंपनी के अंदर मौजूद थीं, तभी वहां राजकुमारी महंत अपने अन्य शिष्यों—जस्सी व समीर (निवासी छछरौली, हरियाणा), शहजाद उर्फ गेंदा, फुरकान (निवासीगण हल्दरी) तथा तीन अन्य अज्ञात किन्नरों के साथ वहां आ पहुंचीं।

ज्योति महंत का आरोप है कि राजकुमारी महंत ने उन्हें वहां देखते ही अपने साथियों के साथ मिलकर उनके साथ हाथापाई और मारपीट शुरू कर दी। साथ ही आरोपियों द्वारा उन्हें और उनके शिष्यों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी गईं।

मामले की पुष्टि करते हुए एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने बताया कि पीड़िता ज्योति महंत की शिकायत के आधार पर पुलिस थाना पांवटा साहिब में प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि यह पूरा विवाद क्षेत्र विशेष में शगुन वसूलने के अधिकार (इलाका बांटने) से जुड़ा हुआ है या इसके पीछे कोई अन्य आपसी रंजिश है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की संलिप्तता की भी गहनता से जांच की जा रही है।

Photo of author

पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।