शिमला: प्रख्यात शिक्षाविद् एवं शोधकर्ता तथा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एच.पी.यू.) शिमला के वाणिज्य विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) देविंदर शर्मा ने आज एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी के नए कुलपति के रूप में आधिकारिक तौर पर पदभार ग्रहण कर लिया है। उनके इस पदभार संभालने के साथ ही विश्वविद्यालय में अकादमिक विकास, शोध उत्कृष्टता और संस्थागत प्रगति के एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है।

प्रो. शर्मा ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति रह चुके प्रो. (डॉ.) राजेंद्र चौहान का स्थान लिया है। वहीं, प्रो. चौहान को अब एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी में प्रो-चांसलर (अकादमिक्स) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में लंबा और समृद्ध अनुभव रखने वाले प्रो. शर्मा शिक्षण, शोध एवं अकादमिक प्रशासन के क्षेत्र में व्यापक विशेषज्ञता के साथ एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं। एचपीयू के वाणिज्य विभाग के पूर्व अध्यक्ष के रूप में उन्होंने शिक्षण, शोध कार्यों तथा अकादमिक विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दिया है। एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् और शोध-उन्मुख प्रशासक के रूप में उनकी पहचान है, जिससे विश्वविद्यालय में शोध संस्कृति को एक नई गति मिलने की पूरी उम्मीद है। उनके नेतृत्व में अकादमिक उत्कृष्टता, नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध सहयोग को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की संभावना है।
प्रो. शर्मा के पदभार ग्रहण करने के अवसर पर विश्वविद्यालय के चांसलर और समस्त विश्वविद्यालय परिवार ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। विश्वविद्यालय परिवार ने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया है कि प्रो. शर्मा की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता, अकादमिक विशेषज्ञता और शोध के प्रति अटूट प्रतिबद्धता एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी को शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मील का पत्थर साबित होगी।