नाहन : जिला सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने मंगलवार को शिलाई ब्लॉक की बनोर पंचायत के खनन से प्रभावित गांवों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। ग्रामीणों की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीसी स्वयं मौके पर पहुंचीं और लोगों को हो रही समस्याओं को दूर करने के लिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
मामला जिला सिरमौर के पांवटा साहिब उपमंडल की बनोर पंचायत के शिडी और खतवार गांवों से जुड़ा है, जहां बीएसएसआर माइन से गिर रहा मलबा न केवल सड़क मार्ग को अवरुद्ध कर रहा है, बल्कि करीब 40 परिवारों की जान-माल पर भी खतरा बन चुका है। यह माइन वर्ष 2010 से संचालित हो रही है, जो रिकॉर्ड के अनुसार बलबीर सिंह और सुटा राम के नाम आवंटित थी। दोनों के निधन के बाद वर्तमान में उनके परिजन माइन का संचालन कर रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि माइनिंग की अनुमति केवल 10 बीघा भूमि के लिए है, जबकि मौके पर लगभग 20 बीघा क्षेत्र में अवैध रूप से खुदाई की जा रही है। इसके चलते बान के पेड़ों का घना जंगल नष्ट हो चुका है और पहाड़ का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ गया है। परिणामस्वरूप मलबा सीधे शिडी और खतवार गांव की ओर खिसक रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि वे बीते दो-तीन वर्षों से प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराते आ रहे हैं। इस दौरान देहरादून से सर्वे टीम सहित एसडीएम पांवटा साहिब और माइनिंग विभाग के अधिकारियों ने भी निरीक्षण किया, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में भारी रोष है। हाल ही में निरीक्षण के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी और ग्रामीणों ने अधिकारियों का कड़ा विरोध भी किया।
डीसी प्रियंका वर्मा ने बताया कि बन्नौर गांव के लोगों की शिकायत पर आज मौके का दौरा किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले संबंधित विभागों द्वारा रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है और एक जनवरी को माइन सेफ्टी कमेटी की टीम भी निरीक्षण कर चुकी है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि माइन मालिक को मौके पर तलब किया गया था और उनसे लिखित में लिया गया है कि तय समयसीमा के भीतर बंद पड़ी सड़क और क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइन को बहाल किया जाएगा। ऐसा न होने की स्थिति में माइन के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।