नाहन : शिलाई में 12 फरवरी को प्रस्तावित प्रदेशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के उद्देश्य से सीटू से संबद्ध यूनियनों की संयुक्त आम बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता नीलम शर्मा एवं वीरेंद्र ठाकुर ने की। इस अवसर पर सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार तथा किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष जीवन सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में बैठक में शामिल हुए।
बैठक को संबोधित करते हुए सीटू जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार लेबर कोड मजदूर वर्ग पर सीधा हमला हैं, जिनका उद्देश्य स्थायी रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और मजदूर अधिकारों को कमजोर करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कानूनों के माध्यम से मजदूरों को असुरक्षित रोजगार की ओर धकेला जा रहा है।

आशीष कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा लाए गए VB RAM G बिल के जरिए मजदूर वर्ग को साल में 60 दिन की बेरोजगारी की गारंटी देने जैसा प्रावधान किया गया है, जो मजदूर हितों के खिलाफ है। उन्होंने इसे विकास नहीं, बल्कि मजदूर-विरोधी सोच करार दिया।
उन्होंने कहा कि 12 फरवरी की हड़ताल निर्णायक होगी, जिसमें आंगनवाड़ी, मिड डे मील, औद्योगिक क्षेत्र के मजदूर, स्कीम वर्कर, किसान और आम जनता एकजुट होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे।
किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष जीवन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मजदूर–किसान की संयुक्त लड़ाई ही जनविरोधी नीतियों का प्रभावी जवाब है और किसान इस हड़ताल का पूरा समर्थन करेंगे।
बैठक के अंत में 12 फरवरी की हड़ताल को संगठित, समन्वित और प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए 15 सदस्यीय संयुक्त समन्वय समिति का गठन किया गया। समिति में रीना को संयोजक तथा वीरेंद्र ठाकुर को सह-संयोजक चुना गया। इसके अतिरिक्त नीलम, सीमा, बस्ती राम, सुनील, मदन, चंपा एवं चंदर कला को समिति का सदस्य बनाया गया। समिति को हड़ताल की तैयारियों, जनसंपर्क, प्रचार-प्रसार तथा विभिन्न यूनियनों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई।