मुख्यमंत्री ने नादौन के रैल स्कूल में विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद

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By Hills Post

हमीरपुर: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रैल के विद्यार्थियों के साथ एक अनौपचारिक और प्रेरणादायक संवाद किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से उनके करियर, पढ़ाई की स्थिति और शिक्षा क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों को लेकर फीडबैक लिया। साथ ही, स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू होने के बाद आए परिवर्तनों के बारे में भी विद्यार्थियों से जानकारी प्राप्त की।

स्वच्छता और जन आंदोलन पर चर्चा

संवाद के दौरान एक छात्रा ने मुख्यमंत्री से बेहद प्रासंगिक सवाल पूछते हुए कहा कि हमारे समाज में सफाई के काम को छोटा क्यों समझा जाता है और प्रदेश को पूरी तरह स्वच्छ बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए? छात्रा ने यह भी साझा किया कि सरकार के एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम के तहत कजाकिस्तान गई उसकी बहन ने वहां की बेहतरीन स्वच्छता व्यवस्था देखी है, और उसी तर्ज पर हिमाचल प्रदेश को भी और अधिक साफ-सुथरा व हरा-भरा होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने छात्रा के इस सवाल की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता को केवल कागजी योजनाओं तक सीमित न रखकर इसे एक ‘जन आंदोलन’ बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को याद करते हुए कहा कि हमें केवल अपना घर साफ रखने की मानसिकता से ऊपर उठकर अपने आसपास के क्षेत्र को भी स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

सीबीएसई पाठ्यक्रम और विद्यार्थियों का अनुभव

मुख्यमंत्री के पूछने पर विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ बताया कि उन्हें सीबीएसई पाठ्यक्रम आधारित स्कूलों में पढ़ाई करना बहुत अच्छा लग रहा है। बच्चों ने कहा कि इस आधुनिक पाठ्यक्रम से वे भविष्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बन रहे हैं। विद्यार्थियों ने इस नई व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

नीट पेपर लीक और व्यवस्था में सुधार पर कड़ा रुख:

बातचीत के दौरान एक छात्र ने नीट पेपर लीक का गंभीर मुद्दा उठाया और बताया कि ऐसी घटनाओं से विद्यार्थियों पर कितना गहरा मानसिक दबाव पड़ता है। इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं किसी भी सूरत में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक से देश के युवाओं को गहरा आघात लगा है, क्योंकि हर बच्चे और उसके अभिभावक को उसकी सफलता की उम्मीद होती है, और पेपर लीक होना युवाओं के साथ सीधा धोखा है।

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि लगभग चार वर्ष पहले हिमाचल प्रदेश में भी प्रश्नपत्रों की खरीद-फरोख्त जैसी घटनाएं सामने आई थीं, लेकिन वर्तमान राज्य सरकार ने तुरंत सख्त कदम उठाते हुए मामले की गहराई से जांच करवाई, तत्कालीन कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को भंग किया और इसमें संलिप्त दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया। उन्होंने कहा कि अब राज्य में नए ‘हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग’ के माध्यम से पूरी पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे यह संदेश साफ है कि भ्रष्टाचार और पेपर लीक करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

विद्यार्थियों की समस्याओं का त्वरित समाधान

संवाद के दौरान एक अन्य छात्रा ने स्कूल के लिए ‘रंगस’ से बस सेवा शुरू करने की मांग रखी, जिस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि विद्यार्थियों की सुविधा के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। वहीं, एक प्राथमिक स्कूल के छोटे छात्र द्वारा स्कूल की टूटी हुई सीढ़ियों की समस्या बताने पर मुख्यमंत्री ने तुरंत संबंधित अधिकारियों को मौके पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सीढ़ियों की जल्द मरम्मत करवाने के निर्देश दिए।

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