मुख्यमंत्री ने नारी तू नारायणी कार्यक्रम में की शिरकत

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By Hills Post

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज दैनिक समाचार पत्र ‘हिमाचल दस्तक’ के विशेष कार्यक्रम ‘नारी तू नारायणी’ में बतौर मुख्य अतिथि गरिमामयी शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली और उपलब्धियों से समाज का नाम रोशन करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालकों के लिए ऐतिहासिक कदम

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी दिशा में गांवों के बच्चों को बेहतरीन शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से सीबीएसई स्कूल खोले जा रहे हैं, ताकि उन्हें उच्च शिक्षा के लिए शहरों की तरफ पलायन न करना पड़े। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। किसानों और पशुपालकों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए दूध के खरीद मूल्य में ऐतिहासिक वृद्धि की गई है। वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा गाय का दूध 61 रुपये और भैंस का दूध 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि इस वर्ष सरकार दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के रूप में करीब 200 करोड़ रुपये प्रदान करने जा रही है।

उन्होंने आगे बताया कि कांगड़ा जिले के ढगवार में डेढ़ लाख लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाला अत्याधुनिक मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट इस वर्ष अक्टूबर तक बनकर तैयार हो जाएगा, जिससे किसानों और पशुपालकों की आर्थिकी को और मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही, राज्य सरकार प्राकृतिक खेती के जरिए उगाई जाने वाली गेहूं, मक्की और हल्दी जैसी प्रमुख फसलों के लिए भी न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान कर रही है।

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हर स्तर पर नीतिगत बदलाव किए जा रहे हैं और शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। वर्ष 2021 में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में हिमाचल प्रदेश देश में 21वें स्थान पर था, लेकिन वर्तमान सरकार के मजबूत प्रयासों के परिणामस्वरूप अब प्रदेश पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। सरकार ने राज्य में 150 सीबीएसई स्कूल खोले हैं और 30 सितंबर 2026 तक इन सभी विद्यालयों में अध्यापकों के खाली पदों पर नियुक्तियां पूरी कर दी जाएंगी। अध्यापकों का चयन पूरी तरह से पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर किया जा रहा है, और इन स्कूलों में सामान्य फीस संरचना ही लागू रहेगी।

विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की आधुनिक व्यवस्थाओं से रूबरू कराने के लिए सरकार उन्हें विदेशों में एक्सपोजर विजिट पर भेज रही है। प्रदेश में करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से पहला साइंस कॉलेज स्थापित किया जा रहा है, जबकि हमीरपुर जिले में एक नया एलाइड एंड हेल्थकेयर कॉलेज भी खोला जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मेडिकल छात्रों के लिए भी विदेशी एक्सपोजर विजिट की व्यवस्था की जा रही है, अस्पतालों में डायग्नोस्टिक सुविधाओं को सुधारा जा रहा है और सभी मेडिकल कॉलेजों के विभिन्न विभागों को मजबूत किया जा रहा है।

अधिकारों की लड़ाई और नशे के खिलाफ सख्त अभियान

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रदेश के हक और अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ रही है। बीबीएमबी (BBMB) से हिमाचल को मिलने वाले एरियर के मामले में भी अब सकारात्मक संकेत मिलने लगे हैं। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि वर्ष 2027 तक हिमाचल प्रदेश आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर लेगा।

नशे के काले कारोबार पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि इसे रोकने के लिए प्रदेश में पीआईटी-एनडीपीएस (PIT-NDPS) कानून सख्ती से लागू किया गया है। पिछले तीन वर्षों के दौरान भारी संख्या में शातिर नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा गया है और अपराधियों में कानून का कड़ा खौफ पैदा करने के लिए उनकी अवैध संपत्तियां भी जब्त की जा रही हैं। उन्होंने घोषणा की कि चिट्टे के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान का दूसरा चरण आगामी 16 सितंबर से ऊना जिले से आरंभ किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने ‘हिमाचल दस्तक’ समाचार पत्र को ‘नारी तू नारायणी’ कार्यक्रम के सफल और भव्य आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार मीडिया नरेश चौहान, नगर निगम शिमला के मेयर सुरेंद्र चौहान, हिमाचल प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्षा विद्या नेगी, हिमकॉन के अध्यक्ष विकेश चौहान, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, हिमाचल दस्तक के चेयरमैन के.डी. श्रीधर, संपादक हेमंत कुमार, राज्य प्रमुख मस्तराम डलैल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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