शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला के मालरोड और अन्य स्थलों का औचक निरीक्षण करने के बाद नगर निगम प्रशासन को कड़े निर्देश जारी किए हैं। शनिवार देर शाम शहर का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पर्यटकों और आम जनता से खाद्य पदार्थों व अन्य वस्तुओं के लिए तय दामों से अधिक वसूली (ओवरचार्जिंग) किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सुनिश्चित करने को कहा कि वेंडर्स निर्धारित मूल्य ही वसूलें।

साथ ही, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षा और स्वच्छता बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन निदेशालय और एफएसएसएआई (FSSAI) के मानकों का सख्ती से पालन करवाने की हिदायत दी। सीएम ने जोर देकर कहा कि शहर की छवि उसकी साफ-सफाई से बनती है, इसलिए कचरा निपटान के नियमों को सख्ती से लागू किया जाए ताकि पर्यटकों को एक बेहतरीन अनुभव मिल सके।
शहरी व्यवस्था के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने छोटे दुकानदारों के लिए एक बड़ी आर्थिक राहत का भी ऐलान किया। सरकार ने फैसला लिया है कि जिन छोटे दुकानदारों पर एक लाख रुपये तक का ऋण बकाया है और जिनके खाते बैंकों द्वारा गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (NPA) घोषित किए जा चुके हैं, उन्हें एक लाख रुपये तक की एकमुश्त भुगतान सुविधा (OTS) प्रदान की जाएगी। इसी तरह, जिन दुकानदारों पर एक लाख से दो लाख रुपये तक का कर्ज है, उन्हें भी एक लाख रुपये तक की एकमुश्त सहायता दी जाएगी। सरकार का यह कदम आर्थिक तंगी से जूझ रहे छोटे व्यापारियों को दोबारा अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद करेगा।
शहरी विकास के विजन को साझा करते हुए सीएम सुक्खू ने कहा कि सरकार स्वच्छ शहर, समृद्ध शहर अभियान के तहत जन सेवाओं को डिजिटल और सुलभ बना रही है। हाल ही में ‘सिटीजन कनेक्ट प्रोग्राम’ का दूसरा चरण शुरू किया गया है, जिसके तहत नागरिक सेवा मंच पर 9 नई ऑनलाइन सेवाएं जोड़ी गई हैं।
पहले चरण में 2.5 लाख से अधिक लोग इसका लाभ उठा चुके हैं। इसके अलावा, ‘डिजिटल डोर प्लेट’ प्रोजेक्ट के जरिए शहर के हर घर को एक विशिष्ट डिजिटल पहचान दी जा रही है, जिससे शहरी शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए सरकार समावेशी विकास की दिशा में तेजी से काम कर रही है।