नाहन : जिला सिरमौर के उपमंडल राजगढ़ में 108 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने एक बार फिर अपनी कर्तव्यनिष्ठा, सूझबूझ और मानवीय सेवा भावना का शानदार परिचय देते हुए एक गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराया है। अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में ही प्रसव पीड़ा अत्यधिक बढ़ने पर कर्मचारियों ने एंबुलेंस के भीतर ही यह सफल प्रसव करवाया, जिससे जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजगढ़ तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव खड़ेल (डाकघर रोड्डघाटी) की रहने वाली 26 वर्षीय गीता (पत्नी दीपक) को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क किया था। इस आपातकालीन केस को रात करीब 1 बजकर 53 मिनट पर असाइन किया गया, जिसके बाद ईएमटी अरुण चौहान और पायलट देशराज तोमर तुरंत एंबुलेंस लेकर मौके के लिए रवाना हुए।

महिला को लेकर जब एंबुलेंस सिविल अस्पताल राजगढ़ की ओर आ रही थी, तो रास्ते में अचानक प्रसव पीड़ा बहुत तेज हो गई। स्थिति की नज़ाकत को देखते हुए ईएमटी अरुण चौहान ने बिना देर किए एंबुलेंस के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराने का निर्णय लिया। रात करीब 3 बजे एंबुलेंस के अंदर ही महिला ने अपने तीसरे बच्चे को जन्म दिया। इस चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील परिस्थिति में ईएमटी अरुण चौहान ने पूरे धैर्य और चिकित्सकीय कुशलता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई, जबकि पायलट देशराज तोमर ने एंबुलेंस का सुचारू संचालन कर पूरा सहयोग दिया।
सफल प्रसव के बाद दोनों कर्मचारियों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए जच्चा और नवजात शिशु को सिविल अस्पताल राजगढ़ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज किया गया। चिकित्सा रिपोर्ट के अनुसार मां और शिशु दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। महिला के परिवार में पहले से एक बेटा और एक बेटी हैं। 108 एंबुलेंस के इन कर्मचारियों की इस त्वरित कार्रवाई और सेवाभाव की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है, जो यह साबित करता है कि ऐसे समर्पित कर्मचारी मुश्किल वक्त में लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित होते हैं।