नाहन : शिक्षा खंड राजगढ़ के अंतर्गत आने वाली विभिन्न पाठशालाओं में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने जर्जर भवनों के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को शिक्षा विभाग और लोक निर्माण विभाग की एक संयुक्त निरीक्षण टीम ने क्षेत्र की तीन प्राथमिक पाठशालाओं का दौरा किया, जहाँ कमरों की हालत अत्यंत दयनीय पाई गई।
निरीक्षण टीम ने सबसे पहले राजकीय प्राथमिक पाठशाला दून दरिया में एक कमरे और राजकीय प्राथमिक पाठशाला रूग़ बखोटा में एक कमरे की स्थिति का जायजा लिया। इसके उपरांत राजकीय प्राथमिक पाठशाला शावगा (Shawga) में दो कमरों का बारीकी से निरीक्षण किया गया। इन सभी पाठशालाओं में संबंधित कमरों की स्थिति काफी समय से जर्जर बनी हुई थी, जिससे विद्यार्थियों के लिए खतरा बना हुआ था।

निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य इन कमरों की वर्तमान स्थिति का आकलन कर इन्हें ‘असुरक्षित’ (Unsafe) घोषित करना है। इस रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी ताकि जर्जर ढांचों को हटाकर नए सुरक्षित कमरों के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो सके।
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण कार्य को संपन्न करने के लिए विभाग द्वारा एक उच्च स्तरीय संयुक्त टीम का गठन किया गया था। इस टीम में शिक्षा खंड राजगढ़ के खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कृष्ण गोपाल और समग्र शिक्षा के कनिष्ठ अभियंता महिमानंद मुख्य रूप से उपस्थित रहे। तकनीकी मूल्यांकन के लिए टीम में लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता ने भी अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज कराई।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण साझा करने के लिए डाइट (DIET) नाहन के प्रवक्ता यशपाल शर्मा और अधीक्षक गगनदीप भी मौके पर मौजूद रहे। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित पाठशालाओं की स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के अध्यक्षों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया, ताकि उनकी देखरेख में निरीक्षण की कार्यवाही को पारदर्शी तरीके से पूरा किया जा सके।
शिक्षा उपनिदेशक (प्रारंभिक शिक्षा) जिला सिरमौर, राजीव ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि विभाग विद्यार्थियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और जर्जर कमरों को असुरक्षित घोषित करने की प्रक्रिया को जल्द पूरा कर उचित कदम उठाए जाएंगे।