शूलिनी यूनिवर्सिटी का इंजीनियरिंग और लाइफ साइंसेज में देश में तीसरा स्थान

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By Hills Post

सोलन: हिमाचल प्रदेश स्थित शूलिनी विश्वविद्यालय ने वैश्विक स्तर पर अपनी अकादमिक श्रेष्ठता का लोहा एक बार फिर मनवाया है। हाल ही में जारी प्रतिष्ठित टाइम्स हायर एजुकेशन (THE) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में विश्वविद्यालय ने कई प्रमुख विषयों में दुनिया के शीर्ष 500 विश्वविद्यालयों में अपना स्थान बरकरार रखा है। इस उपलब्धि के साथ शूलिनी विश्वविद्यालय ने न केवल विश्व के अग्रणी संस्थानों में अपनी स्थिति मजबूत की है, बल्कि भारतीय शिक्षा जगत में भी अपनी साख बढ़ाई है।

नवीनतम रैंकिंग में विश्वविद्यालय ने विशेष रूप से इंजीनियरिंग और जीवन विज्ञान (Life Sciences) में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इन दोनों विषयों में विश्वविद्यालय को 301-400 की वैश्विक श्रेणी में रखा गया है, जबकि भारत में इसे संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त, चिकित्सा और स्वास्थ्य विज्ञान (Clinical and Health) श्रेणी में शूलिनी ने वैश्विक स्तर पर 401-500 के बीच और भारत में संयुक्त रूप से आठवां स्थान हासिल किया है।

विश्वविद्यालय की इस सफलता का आधार 18 कठोर प्रदर्शन संकेतक रहे हैं, जिनमें शिक्षण गुणवत्ता, अनुसंधान वातावरण, उद्धरण प्रभाव (Citation Impact), अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण और उद्योग सहयोग शामिल हैं। संस्थापक-कुलपति प्रो. पी.के. खोसला ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि कंप्यूटर इंजीनियरिंग और जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) कार्यक्रम अब अकादमिक गुणवत्ता और अनुसंधान के मामले में एशिया के सर्वश्रेष्ठ कार्यक्रमों में गिने जाने लगे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में 2026 की रैंकिंग में विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सापेक्ष स्थिति को और मजबूत किया है, जिसका मुख्य कारण उच्च अनुसंधान उत्पादन और मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग है।

प्रो चांसलर विशाल आनंद ने इस सफलता का श्रेय संस्थान की रणनीतिक योजना और लक्षित निवेश को दिया। उन्होंने कहा कि संकाय विकास और अनुसंधान अवसंरचना में किए गए निरंतर निवेश अब वैश्विक मान्यता के रूप में फल दे रहे हैं। वहीं, कुलपति प्रो. अतुल खोसला ने इसे सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये रैंकिंग परिसर में पोषित मजबूत शैक्षणिक संस्कृति का प्रमाण हैं। उन्होंने संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं और छात्रों को बधाई देते हुए भविष्य में शिक्षण गुणवत्ता और शोध के प्रभाव को और अधिक बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

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