सोलन: शूलिनी विश्वविद्यालय के एक छात्र नितिन की आत्महत्या के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। पुलिस ने छात्रों के भारी विरोध प्रदर्शन और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई 21 वर्षीय युवक की मौत के बाद उपजे जनाक्रोश और विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवालों के बाद की गई है।

पुलिस को क्षेत्रीय अस्पताल सोलन से सूचना मिली थी कि मधुबन कॉलोनी में रहने वाले एक युवक ने फंदा लगा लिया है। मृतक की पहचान नितिन (21), पुत्र श्री कल्याण चौहान, निवासी रोहड़ू (शिमला) के रूप में हुई। पुलिस ने मौके से एक रस्सी, मोबाइल फोन और एक डायरी बरामद की है। डायरी में नितिन ने परेशान होकर यह आत्मघाती कदम उठाने की बात लिखी है।
छात्रों का आरोप प्लेसमेंट के नाम पर धोखा
नितिन की मौत की खबर फैलते ही शूलिनी विश्वविद्यालय परिसर में सैकड़ों छात्रों ने प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय ने नितिन का प्लेसमेंट एक कंपनी के माध्यम से उसी संस्थान में करवाया था। प्लेसमेंट के समय जो वेतन पैकेज बताया गया था, वास्तविकता में उसे उससे बहुत कम वेतन दिया जा रहा था। कम वेतन और आर्थिक तंगी के कारण नितिन पिछले कुछ समय से गहरे मानसिक तनाव में था। छात्रों ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन 100% प्लेसमेंट की गारंटी पूरी करने में विफल रहा है और छात्रों की समस्याओं को अनसुना करता है।
शुरुआत में पुलिस इस मामले में धारा 194 BNSS के तहत सामान्य जांच कर रही थी, लेकिन छात्रों के बयानों और परिस्थितियों को देखते हुए अब विश्वविद्यालय प्रशासन के विरुद्ध नियमित प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। बरामद डायरी (सुसाइड नोट), रस्सी और विसरा को जांच के लिए राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, जुन्गा भेजा जा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के उन अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है जो प्लेसमेंट और नितिन के कार्यक्षेत्र से सीधे तौर पर जुड़े थे। फिलहाल नितिन का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है, लेकिन विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस हर पहलू की प्राथमिकता के आधार पर जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।