सोलन: शूलिनी विश्वविद्यालय में आज कुलाधिपति प्रो. पी. के. खोसला के जन्मदिन को प्रेरणा दिवस के रूप में भव्यता और उत्साह के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर पूरा विश्वविद्यालय परिवार एकजुट हुआ और उत्कृष्टता, नवाचार एवं सामाजिक दायित्वों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
समारोह का विधिवत शुभारंभ विश्वविद्यालय मंदिर में पवित्र हवन-यज्ञ और वृंदावन उद्यान में पौधारोपण के साथ हुआ, जो सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संस्थान के संकल्प को दर्शाता है। दिन का मुख्य आकर्षण रतन टाटा गैलरी, टैगोर सेमिनार हॉल और पहल फाउंडेशन कियोस्क जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं का उद्घाटन रहा, जो विश्वविद्यालय के नवाचार और सामाजिक प्रभाव पर केंद्रित दृष्टिकोण को प्रदर्शित करते हैं।

इस अवसर पर कुलाधिपति प्रो. पी. के. खोसला और एसआईएलबी की अध्यक्ष उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सरोज खोसला ने शूलिनी पहल फाउंडेशन के सहयोग से प्रोजेक्ट प्रगति कियोस्क का औपचारिक उद्घाटन किया। सेंटर फॉर लीडरशिप कोचिंग की यह अनूठी पहल आसपास के गांवों की ग्रामीण महिला उद्यमियों को एक सशक्त मंच प्रदान करती है, जहां वे अपने द्वारा तैयार स्थानीय मसाले और अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद सीधे व्यापक बाजार में बेच सकेंगी।
सेंटर फॉर लीडरशिप कोचिंग की एसोसिएट डायरेक्टर पायल जिंदल खन्ना ने बताया कि प्रोजेक्ट प्रगति का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को महज लाभार्थी न रखकर स्वतंत्र उद्यमी बनाना है। इस पहल को कृषि विभाग और खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग का तकनीकी मार्गदर्शन भी मिल रहा है। प्रो-चांसलर विशाल आनंद ने आगामी चरण में इस मॉडल को 100 गांवों तक विस्तारित करने का दृष्टिकोण साझा किया, ताकि ग्रामीण उद्यम विकास का एक स्थायी ढांचा तैयार हो सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो-चांसलर विशाल आनंद ने जीवन में सकारात्मकता के महत्व पर जोर दिया और कहा कि कुलाधिपति ने हमेशा सिखाया है कि सार्थक सफलता के लिए आंतरिक प्रसन्नता आवश्यक है। वहीं, कुलपति प्रो. अतुल खोसला ने प्रो. पी. के. खोसला को एक प्रेरक नेता और मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि उनकी असली सफलता लोगों को जोड़ने, मजबूत संबंध बनाने और मूल्यों व विनम्रता पर अडिग रहने में निहित है। विपणन और नवाचार निदेशक प्रो. आशीष खोसला ने कहा कि प्रेरणा दिवस हमें याद दिलाता है कि दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है और कुलाधिपति की यही दूरदृष्टि शूलिनी को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है।
उत्सव के रंग में रंगे परिसर में युवराज स्टेडियम में चांसलर इलेवन और रजिस्ट्रार इलेवन के बीच एक रोमांचक पारंपरिक क्रिकेट मैच भी खेला गया, जिसमें चांसलर इलेवन ने जीत दर्ज की। समारोह का समापन ओपन एयर थिएटर में छात्रों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक धाम के आयोजन के साथ हुआ, जिसने पूरे विश्वविद्यालय परिवार को एकता और उल्लास के सूत्र में पिरो दिया।