सफलता चाहिए तो सुबह जल्दी उठें और अनुशासन में रहें, APG यूनिवर्सिटी के VC का छात्रों को मंत्र

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By Hills Post

शिमला: एपीजी शिमला यूनिवर्सिटी में मंगलवार को नए सत्र का आगाज बेहद खास अंदाज में हुआ। यूनिवर्सिटी ने अपने फर्स्ट और सेकंड ईयर के छात्रों के लिए एक ओरिएंटेशन प्रोग्राम रखा, जिसका मकसद सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि छात्रों को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना था। इस मौके पर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. राजिंदर चौहान ने छात्रों को भविष्य संवारने के लिए कई अहम टिप्स दिए।

वीसी की नसीहत: हड़बड़ी नहीं, लगातार मेहनत जरूरी

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वाइस चांसलर डॉ. राजिंदर चौहान ने छात्रों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि अगर जिंदगी में आगे बढ़ना है तो लक्ष्य तय करना सबसे जरूरी है। डॉ. चौहान ने छात्रों को नसीहत दी कि वे अनुशासित रहें, सुबह जल्दी उठने की आदत डालें और अपनी सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखें। उन्होंने छात्रों को समझाया कि हड़बड़ी करने की बजाय धीरे-धीरे लेकिन लगातार की गई मेहनत ही लंबी सफलता की कुंजी है।

अनुशासन सब पर लागू

रजिस्ट्रार डॉ. आर.के. शर्मा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि अनुशासन का नियम सिर्फ छात्रों पर ही नहीं, बल्कि शिक्षकों पर भी लागू होता है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में बेहतरीन शिक्षक और होनहार छात्र मौजूद हैं, लेकिन अभी भी खुद को और बेहतर बनाने की गुंजाइश बाकी है। उन्होंने एपीजी शिमला को देश के टॉप शिक्षण संस्थानों में शामिल करने का विजन भी सबके सामने रखा।

पढ़ाई के साथ पर्सनालिटी पर भी फोकस

फैकल्टी डीन डॉ. अश्वनी शर्मा ने छात्रों का ध्यान पढ़ाई के साथ-साथ बातचीत के तरीके (कम्युनिकेशन स्किल्स) पर भी खींचा। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि यूनिवर्सिटी अब नियमित रूप से एक्सपर्ट्स को बुलाकर पर्सनालिटी डेवलपमेंट के सेशन आयोजित करेगी, ताकि यहां से निकलने वाला हर छात्र आत्मविश्वास से भरा हो।

कार्यक्रम के अंत में एकेडमिक डीन डॉ. आनंद मोहन ने सभी का आभार जताया और यूनिवर्सिटी के सिलेबस की खूबियां गिनाईं। इस आयोजन ने छात्रों और शिक्षकों में नए सत्र के लिए एक नई ऊर्जा भर दी है।

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