नाहन : हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। नाहन के ऐतिहासिक चौगान के पास युवा सेवा एवं खेल विभाग द्वारा निर्मित अत्याधुनिक टेबल टेनिस एवं स्क्वैश कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनकर पूरी तरह तैयार है। लगभग ₹3.02 करोड़ की भारी-भरकम लागत से तैयार इस खेल परिसर को अगले माह मुख्यमंत्री के प्रस्तावित नाहन दौरे के दौरान जनता को समर्पित किया जाएगा। इस आधुनिक परिसर के शुरू होने से न केवल नाहन शहर, बल्कि पूरे जिले की खेल प्रतिभाओं को अपनी स्किल्स निखारने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का बेहतरीन मंच मिलेगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का इतिहास काफी लंबा और उतार-चढ़ाव भरा रहा है। इस परिसर की आधारशिला 3 अप्रैल 2015 को तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह द्वारा रखी गई थी। हालांकि, शिलान्यास के बाद यह प्रोजेक्ट लंबे समय तक अधर में लटका रहा। पहले कुछ न्यायिक प्रक्रियाओं (लिटिगेशन) और फिर प्रशासनिक व तकनीकी औपचारिकताओं के कारण इसके निर्माण में अपेक्षित समय से काफी अधिक देरी हुई। निर्माण का जिम्मा हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (HPSIDC) को सौंपा गया था, जिसने तमाम बाधाओं को पार करते हुए अब कार्य संपन्न कर लिया है।

हालांकि इस खेल परिसर का निर्माण कार्य तकनीकी रूप से अगस्त 2025 में ही पूरा कर लिया गया था, लेकिन औपचारिक उद्घाटन (रिबन काटने) की प्रतीक्षा में यह पिछले कई महीनों से बंद पड़ा है। स्थानीय खेल प्रेमियों और युवाओं का मानना है कि निर्माण पूरा होने के बावजूद वीवीआईपी (VVIP) प्रोटोकॉल के कारण इसे बंद रखना खिलाड़ियों के अभ्यास के समय का नुकसान है। अब विभाग ने अपनी ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और मुख्यमंत्री के आगामी दौरे के दौरान इसके विधिवत उद्घाटन की योजना बनाई गई है, जिससे खिलाड़ियों का यह लंबा इंतज़ार समाप्त होगा।
इस आधुनिक खेल परिसर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जिले को अपना पहला समर्पित स्क्वैश कोर्ट मिला है। कॉम्प्लेक्स में जहाँ एक ओर टेबल टेनिस के लिए भव्य हॉल और सिंथेटिक फ्लोरिंग तैयार की गई है, वहीं स्क्वैश कोर्ट का निर्माण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया गया है। शहर के बीचों-बीच ऐसी सुविधा मिलने से युवाओं का रुझान इनडोर खेलों की तरफ और बढ़ेगा। युवा सेवा एवं खेल विभाग का मानना है कि यह परिसर जिला सिरमौर में खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने और ‘नशा मुक्त हिमाचल’ अभियान को गति देने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।