सिरमौर में ‘मजदूरी’ पर पड़ा साइबर डाका: 150 रुपये ले उड़े नकली अफसर

नाहन : देश में तेजी से पैर पसार रहे साइबर अपराध अब मानवता की सीमाओं को भी लांघने लगे हैं। ताजा मामला पांवटा साहिब के भुगरनी इलाके से सामने आया है, जहां शातिर ठगों ने एक गरीब प्रवासी मजदूर को अपनी ठगी का शिकार बनाया। चौंकाने वाली बात यह है कि ठगों ने खुद को बड़ा आईपीएस (IPS) अधिकारी बताकर मजदूर को फोन पर डराया और उसके मोबाइल एप्लीकेशन में पड़े महज 150 रुपए भी ऑनलाइन ऐंठ लिए।

मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित मजदूर के व्हाट्सप पर मोबाइल नंबर 8861197592 से फ़ोन आया था । इस नंबर के व्हाट्सएप प्रोफाइल (DP) पर पुलिस की वर्दी पहने एक अधिकारी की फोटो लगी है और वॉलपेपर पर बड़े अक्षरों में “Cyber Crime Branch Police Officer” लिखा गया था । इसी रसूखदार प्रोफाइल का डर दिखाकर ठग ने मजदूर को फोन किया और उसे किसी केस में फंसाने की धमकी देकर डरा दिया।

एक अनजान नंबर से फोन आया, जिसमें ठग ने पुलिस अधिकारी की फोटो लगाकर खुद को बड़ा अफसर बताया। अपराधी ने मजदूर को किसी मामले में फंसाने की धमकी दी और पैसों की मांग की। डरे हुए मजदूर ने बताया कि उसके पास केवल 150 रुपए ही हैं। शातिर अपराधी ने रहम दिखाने के बजाय वे पैसे भी ट्रांसफर करवा लिए और पैसों की मांग की ।

मजदूर का कहना है कि उसने मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन उसे डराकर पैसे ले लिए गए। ठग की बेशर्मी का आलम यह है कि 150 रुपए लेने के बाद अब वह 200 रुपए की और मांग कर रहा था। यह घटना साबित करती है कि साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे छोटी से छोटी रकम के लिए भी किसी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने से पीछे नहीं हट रहे हैं।

इस मामले ने एक बार फिर आम जनता, विशेषकर कम पढ़े-लिखे और प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिया है। साइबर एक्सपर्ट्स लगातार जनता से अपील कर रहे हैं कि ऐसे किसी भी झांसे में न आएं। यदि आपके साथ भी ऐसी कोई घटना होती है, तो घबराने के बजाय तुरंत भारत सरकार के साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करवाएं। आपकी एक छोटी सी सावधानी आपको और आपके परिवार को इन डिजिटल डकैतों से बचा सकती है।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।