सोलन: गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आज राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य और प्रेरणादायक विशेष प्रार्थना सभा का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, आत्मविश्वास और समर्पण के साथ भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास करना और विज्ञान को उनके दैनिक जीवन से जोड़कर उसकी वास्तविक उपयोगिता को समझाना था। विद्यार्थियों ने युवा वैज्ञानिकों के जीवन-संघर्ष पर प्रकाश डालते हुए यह संदेश दिया कि किसी भी तथ्य को आंख मूंदकर स्वीकार करने के बजाय तर्क, प्रमाण और वैज्ञानिक सोच को अपनाना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान कक्षा 9वीं की छात्राओं ने भारत की महान महिला वैज्ञानिकों का रूप धारण कर उनके संघर्षपूर्ण जीवन और अद्वितीय उपलब्धियों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों द्वारा महान भारतीय वैज्ञानिक सर सी. वी. रामन के जीवन पर आधारित एक बेहद प्रभावशाली नाटिका का मंचन भी किया गया। इस नाटिका ने रामन प्रभाव जैसे उनके महान शोध कार्यों और विज्ञान के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को दर्शकों तक बहुत ही प्रभावी ढंग से पहुंचाया।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के इस खास मौके पर विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं में एक विशेष पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस वर्ष प्रतियोगिता की थीम “Innovate Like a Girl, Lead the World” रखी गई थी। इस गतिविधि ने छात्राओं की कलात्मक प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उन्हें नवाचार और नेतृत्व क्षमता के लिए प्रोत्साहित किया। विद्यार्थियों ने अपने रंग-बिरंगे पोस्टरों के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया कि बालिकाएं भी विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में पूरे विश्व का नेतृत्व करने में पूरी तरह से सक्षम हैं।
कार्यक्रम के सफल समापन पर विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. लखविंदर कौर अरोड़ा ने सभी को संबोधित करते हुए एक प्रेरणादायक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल किताबों में पढ़ा जाने वाला विषय नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक सशक्त पद्धति है। उन्होंने विद्यार्थियों को अंधविश्वासों से दूर रहकर तर्कसंगत सोच अपनाने की सलाह दी और कहा कि सच्चा शिक्षित नागरिक वही है जो अपने वैज्ञानिक ज्ञान का उपयोग समाज के कल्याण के लिए करता है। विद्यालय प्रबंधन ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की रचनात्मकता की भूरि-भूरि प्रशंसा की।