सोलन : विशेष अदालत ने नाबालिग लड़की के अपहरण और उसके साथ बार-बार दुष्कर्म करने के एक गंभीर मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (POCSO) सोलन की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कनिका चावला ने आरोपी आसिफ अंसारी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है ।
अभियोजन पक्ष (prosecution) के अनुसार, यह मामला साल 2021 का है । पीड़िता उस समय नाबालिग थी और सोलन जिले के एक किराए के मकान में अपने परिवार के साथ रहती थी । आरोपी आसिफ अंसारी (पुत्र मुन्ना, निवासी मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश), जो पीड़िता के कमरे के पास ही रहता था, ने पहले उससे बातचीत शुरू की और जान-पहचान बढ़ाई ।

इसके बाद, शादी का झांसा देकर वह नाबालिग को बहला-फुसलाकर पहले चंडीगढ़ और फिर सहारनपुर ले गया । वहां उसने पीड़िता के साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए । इस घटना की रिपोर्ट महिला थाना सोलन में दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच की ।
लोक अभियोजक (Public Prosecutor) पृथ्वी सिंह नेगी ने बताया कि दोषी को POCSO एक्ट की धारा 6 के तहत 20 साल के कठोर कारावास और 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है, जिसे न भरने पर उसे एक साल की अतिरिक्त कठोर कैद काटनी होगी । इसके साथ ही, IPC की धारा 363 के तहत अपहरण के जुर्म में दोषी को 5 साल की कठोर कैद और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा मिली है, जिसमें जुर्माना न देने पर 6 महीने की अतिरिक्त कठोर कैद का प्रावधान है ।
वहीं, नाबालिग को शादी के लिए मजबूर करने हेतु अपहरण करने पर IPC की धारा 366 के अंतर्गत भी अदालत ने दोषी को 5 साल के कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है, और जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे 6 महीने की अतिरिक्त कठोर सजा भुगतनी पड़ेगी। अभियोजन पक्ष ने 11 गवाहों की मदद से इन सभी आरोपों को अदालत में सफलतापूर्वक सिद्ध किया है ।
अदालत के इस सख्त फैसले से समाज में कड़ा संदेश गया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा ।