सोलन में बिजली बोर्ड ने स्मार्ट मीटर पर गुमराह करने वाले दावों की खोली पोल

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By Hills Post

सोलन: हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड ने सोलन जिला के जौनजी में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के दौरान स्मार्ट मीटर और बिजली के खंभे को लेकर उठाए गए सवालों पर कड़ा रुख अपनाया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता दिलीप सिंह द्वारा लगाए गए सभी आरोप न केवल निराधार हैं, बल्कि तथ्यों से पूरी तरह परे हैं।

बोर्ड के प्रवक्ता अनुराग पाराशर ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिस 12,000 रुपये के असामान्य बिल का शोर मचाया जा रहा है, वह असल में 14 महीनों दिसंबर 2024 से जनवरी 2026 का संयुक्त बकाया है। वर्तमान में यह राशि बढ़कर 13,906 रुपये हो चुकी है।

बोर्ड ने खुलासा किया कि संबंधित उपभोक्ता पहले से ही ‘डिफाल्टर’ की श्रेणी में है। इससे पहले भी उपभोक्ता ने एक साल तक बिल जमा नहीं किया था और दिसंबर 2024 में पिछले 12 महीनों का भुगतान एक साथ किया था। नियमों के तहत बार-बार नोटिस देने के बावजूद बिल जमा न होने पर 22 जनवरी 2026 को इस कनेक्शन को अस्थायी रूप से काट दिया गया है।

जांच में यह भी सामने आया है कि दिलीप सिंह के नाम पर कुल चार कनेक्शन (तीन घरेलू और एक व्यावसायिक) हैं और सभी का भुगतान लंबे समय से लंबित है।

  • घरेलू मीटर 1: दिसंबर 2024 से बिल बकाया।
  • घरेलू मीटर 2: जून 2023 से अब तक कोई भुगतान नहीं।
  • घरेलू मीटर 3: दिसंबर 2024 के बाद से बिल पेंडिंग।
  • व्यावसायिक मीटर: इसका भी बिल आज तक जमा नहीं किया गया है।

बिजली के खंभे को लेकर किए गए दावे पर बोर्ड ने स्पष्ट किया कि उक्त खंभा पिछले 20 वर्षों से अपने स्थान पर खड़ा है। जांच में पाया गया कि उपभोक्ता ने अपने घर का निर्माण लोक निर्माण विभाग की सड़क और बिजली के खंभे की ओर बढ़ा लिया है, जिस कारण अब खंभा घर के करीब लग रहा है।

विद्युत बोर्ड ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे भ्रामक वीडियो और बयानों पर भरोसा न करें। बोर्ड ने कहा कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के लिए विभाग की छवि धूमिल करने और जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। किसी भी तथ्य पर राय बनाने से पहले विभाग से आधिकारिक जानकारी प्राप्त करना सुनिश्चित करें।

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