सोलन: जिला में समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित किए जा रहे विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों की पारदर्शिता और गुणवत्ता जांचने के लिए मंगलवार को सोलन के कला केंद्र कोठों के सभागार में एक महत्वपूर्ण सोशल ऑडिट किया गया। इस विशेष सोशल ऑडिट में सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित प्रोफेसर रणधीर सिंह रांटा (प्रमुख अन्वेषक) के नेतृत्व में आई सोशल ऑडिट टीम ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट और निष्कर्ष जनता के सामने रखे।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के 20 प्रतिशत सरकारी स्कूलों के रैंडम सोशल ऑडिट से निकले निष्कर्षों और आंकड़ों को प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही सोलन जिला के चिन्हित स्कूलों में किए गए सोशल ऑडिट को लेकर आम जनता, अभिभावकों और हितधारकों की जनसुनवाई की गई। उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने कार्यक्रम में मौजूद सभी पक्षों की बातों, शिकायतों और सुझावों को बेहद गंभीरता और आत्मीयता से सुना। इसके उपरांत, उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कमियों को तुरंत दुरुस्त करने और जमीनी स्तर पर सुधार लाने के आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
इस सोशल ऑडिट के माध्यम से जहां सोलन जिले के सरकारी स्कूलों की कई बेहतरीन उपलब्धियां और नवाचार सामने आए, वहीं बुनियादी ढांचे, प्रबंधन और शिक्षण व्यवस्था से जुड़ी कुछ कमियां भी खुलकर उजागर हुई, जिन्हें दूर करने का विभाग ने आश्वासन दिया। इस अवसर पर डॉ. राजेंद्र वर्मा जिला परियोजना अधिकारी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, ने आश्वाशन दिया की लोगों की शिकायतों का जल्द निपटारा किया जाएगा।
कार्यक्रम में उपस्थित सोशल ऑडिट टीम के समन्वयक निर्दोष शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने की दिशा में यह एक दीर्घकालिक पहल है और यह सोशल ऑडिट कार्यक्रम आगामी 5 वर्षों तक निरंतर जारी रहेगा। इस सोशल ऑडिट के अवसर पर उप निदेशक उच्च शिक्षा सोलन मधु जनार्था, सुश्री रीता गुप्ता उप निदेशक सहित प्रारंभिक व उच्च शिक्षा विभाग के तमाम जिला स्तरीय अधिकारी, स्कूलों के मुख्य अध्यापक, विभिन्न कमेटियों के प्रतिनिधि और सोशल ऑडिट टीम के सभी सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।