शिमला: पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाई है। 16 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग 5.0 के भव्य समारोह में हिमाचल प्रदेश को सशक्त स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने के लिए टॉप परफॉर्मर (Top Performer) के प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया।
भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत डीपीआईआईटी (DPIIT) द्वारा आयोजित इस समारोह की गरिमा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति ने बढ़ाई। प्रदेश की ओर से यह सम्मान सिंगल विंडो क्लियरेंस एजेंसी बद्दी के संयुक्त निदेशक अंशुल धीमान और उद्योग विभाग की संयुक्त निदेशक सुश्री दीपिका खत्री ने प्राप्त किया।

इस उपलब्धि के पीछे हिमाचल प्रदेश सरकार की ठोस नीतियां और नवाचारी कदम रहे हैं। डीपीआईआईटी ने राज्य में 5 इन्क्यूबेटर्स की स्थापना, स्टार्टअप्स को दी जा रही मेंटरशिप और वित्तीय सहायता (30 लाख रुपये गैर-आवर्ती और 10 लाख रुपये आवर्ती) को इस सफलता का मुख्य आधार बताया। इसके अलावा, औद्योगिक निवेश नीति-2019 के तहत पेटेंट खर्च का 75% तक प्रतिपूर्ति और विज्ञान प्रौद्योगिकी व नवाचार नीति-2021 के तहत सर्कुलर इकॉनॉमी आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने जैसे कदमों की सराहना की गई।
इन प्रयासों के चलते हिमाचल को इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट पायनियर और मार्केट एक्सेस एंड रीच चैंपियन जैसी श्रेणियों में भी मान्यता मिली है। समारोह में अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) आर.डी. नज़ीम, निदेशक उद्योग डॉ. यूनुस और संयुक्त निदेशक दीपिका खत्री के नेतृत्व और रणनीतिक प्रयासों की विशेष सराहना की गई।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने और रोजगार सृजन के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने इसे विभाग के अथक प्रयासों का परिणाम बताया। अतिरिक्त निदेशक उद्योग तिलक राज शर्मा ने प्रदेश की प्रगति यात्रा को रेखांकित करते हुए बताया कि हिमाचल ने 2018 में एस्पाइरिंग लीडर से शुरुआत कर 2022 में बेस्ट परफॉर्मर और अब टॉप परफॉर्मर तक का सफर तय किया है। भविष्य में विभाग का फोकस ग्रामीण क्षेत्रों और महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने पर रहेगा, ताकि प्रदेश को आत्मनिर्भरता और नवाचार का हब बनाया जा सके।