शिमला: मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना ने हिमाचल के उन बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है, जिन्हें सरकार ने ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ का दर्जा दिया है। मंडी जिले के बाल देखभाल संस्थानों (सीसीआई) में रहने वाले 31 बच्चे इन दिनों चंडीगढ़ और जयपुर की सैर पर हैं। इस दौरान एक खास पल तब आया जब मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने खुद दिल्ली से वीडियो कॉल कर इन बच्चों से बात की और उनका हाल-चाल जाना।

बच्चों ने साझा किया हवाई सफर का रोमांच
सुंदरनगर, तल्यार, भरनल और डैहर के आश्रमों से गए इन बच्चों के लिए यह सफर इसलिए भी यादगार बन गया है क्योंकि उन्होंने पहली बार हवाई जहाज में यात्रा की है। बातचीत के दौरान जब मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने पहले कभी हवाई सफर किया है, तो बच्चों ने उत्साह के साथ बताया कि यह उनका पहला अनुभव है और उन्हें बहुत रोमांचक लगा। सीएम ने बच्चों से उनके ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली।
सरकार बनी अभिभावक, 27 साल तक रखेगी ख्याल
मुख्यमंत्री ने बच्चों को भरोसा दिलाया कि वे खुद को अकेला न समझें, राज्य सरकार 27 साल की उम्र तक उनका पूरा ख्याल रखेगी। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे इस यात्रा का भरपूर आनंद लें, लेकिन साथ ही अपनी पढ़ाई पर भी ध्यान दें क्योंकि आगे परीक्षाएं आ रही हैं।
दुनिया देखने का मौका
इस शैक्षणिक भ्रमण का मकसद इन बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें बाहरी दुनिया दिखाना है। सरकार चाहती है कि ये बच्चे देश की संस्कृति, विकास और ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से देखें ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़े। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि बच्चों की सुरक्षा और सुविधाओं में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।