नाहन : आज हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की त्रिलोकपुर शाखा द्वारा नाबार्ड के सौजन्य से पोठीया गांव में एक दिवसीय डिजिटल वित्तीय साक्षरता शिविर का सफ़ल आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बैंक द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करना, वित्तीय साक्षरता बढ़ाना तथा उन्हें नियमित बचत और सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग पद्धतियों के प्रति जागरूक बनाना था।
शिविर के दौरान बैंक अधिकारियों द्वारा विशेष रूप से बैंक की ‘रूफटॉप सोलर पैनल ऋण योजना’ एवं ‘सपनों का संचय योजना’ के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया गया। रूफटॉप सोलर पैनल ऋण योजना के अंतर्गत ग्रामीणों को अपने घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि सौर ऊर्जा का उपयोग करने से न केवल बिजली के भारी खर्च में बड़ी बचत संभव है, बल्कि यह पर्यावरण अनुकूल स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा देता है। ग्रामीणों से आग्रह किया गया कि वे बैंक की ऋण सुविधा का लाभ उठाकर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनें।

इसके साथ ही बच्चों व विद्यार्थियों में कम उम्र से ही वित्तीय अनुशासन और बचत की आदत विकसित करने के लिए ‘सपनों का संचय योजना’ की विस्तृत जानकारी दी गई। ग्रामीणों को प्रेरित किया गया कि वे अपने बच्चों के उज्ज्वल एवं सुरक्षित भविष्य के लिए इस योजना के माध्यम से छोटी-छोटी और नियमित बचत करने की आदत डालें।
शिविर में उपस्थित बैंक के कार्यकारी सहायक मोहित वर्मा ने ग्रामीणों को केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं, जैसे अटल पेंशन योजना एवं प्रधानमंत्री जन धन योजना से जुड़ने के लाभ बताए। इसके अलावा उन्होंने बैंक की अन्य प्रमुख योजनाओं—महिला सशक्तिकरण ऋण योजना, पिगमी बचत योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), हिम स्वरोजगार क्रेडिट कार्ड, संयुक्त देयता समूह (JLG), स्वयं सहायता समूह (SHG), गृह ऋण तथा विभिन्न प्रकार की अन्य ऋण सुविधाओं के बारे में भी ग्रामीणों को विस्तार से समझाया।
बढ़ते डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए मोहित वर्मा ने ग्रामीणों को मोबाइल बैंकिंग और एटीएम सेवाओं के सुरक्षित उपयोग संबंधी आवश्यक सावधानियों के प्रति सतर्क किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अनजान या परिचित व्यक्ति के साथ अपना एटीएम पिन (PIN), ओटीपी (OTP), पासवर्ड अथवा कोई भी अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी कभी भी साझा न करें। उन्होंने कहा कि डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करते समय सतर्कता ही सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है।
शिविर के समापन पर कार्यकारी सहायक मोहित वर्मा ने उपस्थित सभी ग्रामीणों से बैंक की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने, पर्यावरण संरक्षण हेतु सौर ऊर्जा जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने और डिजिटल बैंकिंग को सुरक्षित तरीके से व्यवहार में लाने का आह्वान किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीण नरेश कुमार, बलजीत सिंह, कुलदीप सिंह, मान सिंह, तनुज तोमर, मनोज कुमार, सोहन सिंह, हेम लता, गीता देवी एवं प्रियांका सहित कई अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे और शिविर में दी गई जानकारियों का लाभ उठाया।