हिमाचल मास्टर्स कबड्डी टीम की ऐतिहासिक जीत, नाहन के चालक ने निभाई अहम भूमिका

नाहन : हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के लिए खेल के मैदान से एक बेहद गौरवशाली खबर सामने आई है। चंडीगढ़ में संपन्न हुई 5वीं राष्ट्रीय मास्टर्स गेम्स (National Masters Games) में हिमाचल प्रदेश की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कबड्डी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किया है। इस जीत के मुख्य नायकों में नाहन डिपो के एचआरटीसी (HRTC) चालक शर्मा चंद शामिल हैं, जिन्होंने अपनी रेडिंग से विरोधियों के छक्के छुड़ा दिए।

इस प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। हिमाचल की मास्टर्स टीम का सामना पिछले साल की स्वर्ण पदक विजेता टीम महाराष्ट्र से था। पिछले वर्ष हिमाचल को महाराष्ट्र के हाथों हार का सामना करना पड़ा था और सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था। लेकिन इस बार, हिमाचल के शेरों ने पिछली हार का हिसाब चुकता करते हुए महाराष्ट्र को करारी शिकस्त दी और गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।

हैरान कर देने वाली बात यह है कि पूरे प्रदेश के एचआरटीसी विभाग से शर्मा चंद इकलौते ऐसे चालक हैं जो इस राष्ट्रीय टीम का हिस्सा थे। शर्मा चंद वर्तमान में नाहन डिपो में चालक के पद पर तैनात हैं और कबड्डी के एक बेहतरीन लेफ्ट रेडर खिलाड़ी हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के बाद अब शर्मा चंद और हिमाचल की टीम का अगला लक्ष्य मास्टर्स वर्ल्ड कप है, जिसका आयोजन संभावित रूप से वर्ष 2027 के आसपास होना है। शर्मा चंद का कहना है कि उन्हें कबड्डी के स्टार खिलाड़ी अजय ठाकुर से भी इस सफर के लिए काफी प्रोत्साहन मिला है।

शर्मा चंद ने कहा कि “यदि एचआरटीसी विभाग की ओर से खेलों के लिए उचित अवकाश और सहयोग मिलता है, तो मैं विश्व स्तर पर भी देश और अपने विभाग का नाम रोशन करने के लिए पूरी तरह तैयार हूँ।”

एक सरकारी बस चालक का राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना न केवल नाहन डिपो बल्कि पूरे हिमाचल पथ परिवहन निगम के लिए गर्व की बात है। स्थानीय लोगों और विभाग के कर्मचारियों ने शर्मा चंद की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है और उम्मीद जताई है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तिरंगा लहराएंगे।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।