नाहन : सरकारी स्कूलों में शिक्षा के बढ़ते स्तर और प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। शिक्षा खंड माजरा के तहत आने वाली राजकीय प्रारंभिक केंद्र पाठशाला कानसर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान एक उत्साहजनक बदलाव देखने को मिला है। यहाँ क्षेत्र के 06 विद्यार्थियों ने निजी स्कूलों (Private Schools) को त्याग कर सरकारी विद्यालय में प्रवेश लिया है।
कानसर स्कूल में निजी स्कूलों से मोह भंग कर सरकारी स्कूल आने का यह सिलसिला लगातार जारी है। पिछले शैक्षणिक सत्र 2025-26 में भी 05 विद्यार्थियों ने प्राइवेट स्कूल छोड़कर इस विद्यालय का दामन थामा था। स्कूल प्रबंधन और विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) के संयुक्त प्रयासों का ही नतीजा है कि अभिभावक अब अपने बच्चों के भविष्य के लिए सरकारी पाठशालाओं पर भरोसा जता रहे हैं।

केंद्र प्रमुख शिक्षक नरेश शर्मा ने बताया कि वर्तमान में प्री-प्राइमरी से पांचवीं कक्षा तक कुल 66 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने नए विद्यार्थियों का स्कूल में स्वागत करते हुए इस सफलता का श्रेय स्कूल के कर्मठ अध्यापकों—सरला भारद्वाज, विनोद शर्मा और पवन शर्मा की मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के समर्पण और सरकार द्वारा मिल रही मुफ्त वर्दी, किताबों व अन्य सुविधाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का माहौल बदला है।
नरेश शर्मा ने विद्यालय प्रबंधन समिति के सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्कूल की साफ-सफाई, मिड-डे मील और बेहतर अनुशासन की वजह से अभिभावक निजी स्कूलों के बजाय कानसर स्कूल को प्राथमिकता दे रहे हैं।