नाहन : विश्व वृक्ष दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर आज जिला मुख्यालय नाहन में साहित्य और पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा संगम देखने को मिला। हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित लेखक डॉ. दीनदयाल वर्मा की नवीनतम कृति ‘डायरी के पन्ने 1983’ का गरिमामय माहौल में विमोचन किया गया। इस पुस्तक का विमोचन ‘फ्रेंड्स ऑफ फॉरेस्टस, जिला सिरमौर’ के जिला अध्यक्ष, पूर्व वन मंडल अधिकारी (DFO) एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में किया गया।
पुस्तकायन के इस विशेष सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा ने लेखक की सराहना करते हुए कहा, “डॉ. दीनदयाल वर्मा का समूचा लेखन सदैव पर्यावरण चेतना से ओत-प्रोत रहा है। उन्होंने अपनी पैनी कलम के माध्यम से समाज को जंगल, जल और जमीन के संरक्षण का अमूल्य संदेश दिया है।” उन्होंने आगे कहा कि ‘डायरी के पन्ने 1983’ भी इसी श्रृंखला की एक बेहद महत्वपूर्ण कड़ी है, जो हमें हमारे समृद्ध अतीत से जोड़ती है और एक सुरक्षित भविष्य के लिए सचेत भी करती है।

साहित्यिक विश्लेषकों के अनुसार, ‘डायरी के पन्ने 1983’ केवल एक व्यक्तिगत डायरी नहीं, बल्कि पिछले चार दशकों का एक जीवंत सामाजिक-आर्थिक दस्तावेज है। लेखक ने इसमें वर्ष 1983 और वर्तमान वर्ष 2026 की तुलनात्मक स्थितियों का बेहद सजीव और मर्मस्पर्शी चित्रण किया है। खेती-किसानी, ग्रामीण परिवेश, पारिवारिक रिश्तों की तासीर, पर्यावरण की स्थिति और मानवीय मूल्यों में आए व्यापक बदलावों को डॉ. वर्मा ने अपने निजी अनुभवों और गहन अवलोकन के आधार पर पन्नों पर उतारा है। यह पुस्तक नई पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी कि हम विकास की अंधी दौड़ में कहाँ से चले थे और आज कहाँ पहुँच गए हैं। विशेष बात यह है कि यह डॉ. दीनदयाल वर्मा की 17वीं ऐसी पुस्तक है, जो सामाजिक सरोकारों, प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित है।
इस गरिमामय और बौद्धिक विमोचन अवसर पर रश्मि प्रकाशन (पंजीकृत) नाहन की प्रबंध निदेशक मीरा वर्मा, नगर परिषद की पार्षद मोना तोमर, रोड सेफ्टी क्लब के पूर्व अध्यक्ष ठाकुर विशाल सिंह तोमर, प्रसिद्ध समाजसेवी नीलम शर्मा, युवा समाजसेवी संजय पुंडीर और राहुल सहित भारी संख्या में पर्यावरण प्रेमी एवं शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित बुद्धिजीवियों ने डॉ. दीनदयाल वर्मा के दीर्घ साहित्यिक योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा उनकी इस नई कृति की सफलता हेतु ढेरों शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। समारोह के समापन पर विश्व वृक्ष दिवस के उपलक्ष्य में सभी उपस्थितजनों ने पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और उनके संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।