नाहन: मेडिकल कॉलेज की बदहाली और क्षेत्र की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। आज यहाँ जारी एक कड़े प्रेस बयान में बीजेपी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य (State Executive Member) भावन शर्मा ने स्थानीय विधायक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नाहन की जनता अब खोखले आश्वासनों और दिखावे की राजनीति से पूरी तरह तंग आ चुकी है, क्योंकि अब लोगों को केवल सोशल मीडिया की चमक नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस परिणाम चाहिए।
भावन शर्मा ने विधायक के हालिया मेडिकल कॉलेज दौरे को महज एक ‘पब्लिसिटी स्टंट’ करार देते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले विधायक का मेडिकल कॉलेज दौरा सोशल मीडिया पर खूब प्रचारित किया गया था, जिसमें खूब तस्वीरें खिंचवाई गईं, वीडियो बने और अव्यवस्थाओं पर बड़ी-बड़ी चिंताएं भी व्यक्त की गईं। लेकिन आज नाहन की भोली-भाली जनता विधायक से यह जानना चाहती है कि उस हाई-प्रोफाइल दौरे के बाद आखिर अस्पताल की व्यवस्था में क्या बदलाव आया है।

उन्होंने विधायक को घेरते हुए कई बुनियादी सवाल दागे और पूछा कि क्या उस दौरे के बाद मेडिकल कॉलेज में खाली पड़े डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के पद भरे गए, या फिर आवश्यक चिकित्सा उपकरण अस्पताल को मिल पाए? भावन शर्मा ने कहा कि आज भी उन प्रमुख विभागों की स्थापना नहीं हो पाई है जिनकी कमी के कारण यहाँ के गरीब मरीजों को मजबूरन चंडीगढ़, शिमला और अन्य बाहरी शहरों का रुख करना पड़ता है। अगर मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में एक फीसदी का भी सुधार नहीं हुआ, तो फिर उस दौरे का उद्देश्य सिर्फ कैमरों के सामने चिंता व्यक्त करना और अखबारों की सुर्खियाँ बटोरना ही था।
भावन शर्मा ने मांग की है कि विधायक को जनता के समक्ष स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि उन्होंने नाहन मेडिकल कॉलेज की इन गंभीर समस्याओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री के समक्ष अब तक क्या मांगें रखीं। उन मांगों पर सरकार द्वारा क्या कार्रवाई की गई और अब तक कितनी समस्याओं का निवारण हो पाया है, इसका पूरा हिसाब जनता को मिलना चाहिए।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि एक जनप्रतिनिधि का वास्तविक दायित्व केवल निरीक्षण करके औपचारिकता पूरी करना नहीं होता, बल्कि समस्याओं के समाधान तक निरंतर संघर्ष करना होता है। नाहन की जनता को अब नेताओं के खोखले बयान और तस्वीरें नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ, पर्याप्त डॉक्टर, आधुनिक उपकरण और गुणवत्तापूर्ण उपचार चाहिए। आज जनता जवाब मांग रही है कि यदि समस्याएँ आज भी जस की तस हैं, तो विधायक की आवाज़ सरकार के गलियारों तक क्यों नहीं पहुँच पाई।