सोलन: डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी, सोलन के नाम एक और बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि दर्ज हुई है। विश्वविद्यालय के एक वर्तमान शोधार्थी और चार पूर्व छात्रों का चयन देश की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम के लिए हुआ है। यह गौरवपूर्ण कार्यक्रम 2 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहा है।

भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के अंतर्गत इस राष्ट्रपति संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन बिरसा लाइव्स इन न्यू भारत वीक 25 मई से 2 जून 2026 के हिस्से के रूप में हो रहा है, जो भगवान बिरसा मुंडा की प्रेरणादायी विरासत को समर्पित है।
इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम के लिए देशभर से लगभग 200 प्रतिभाशाली जनजातीय शोधार्थियों को चुना गया है, जिन्होंने नेशनल फेलोशिप फॉर शेड्यूल्ड ट्राइब्स (NFST) का लाभ उठाकर उच्च शिक्षा, उन्नत अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। चयनित प्रतिभागी जनजातीय समुदायों की उन उत्कृष्ट प्रतिभाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं जिन्होंने अपनी मेहनत से समाज में विशेष पहचान बनाई है। नौणी विश्वविद्यालय के चयनित छात्रों में अभिषेक नेगी वर्तमान में विश्वविद्यालय के एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट विभाग से पीएच.डी. कर रहे हैं। उनका शोध भारत में गिग वर्कर्स (Gig Workers) की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों और उनके सामने आ रही उभरती चुनौतियों पर आधारित है।
डॉ. ज्योति चौधरी (पूर्व छात्रा) इन्होंने नौणी यूनिवर्सिटी से बी.एससी. (ऑनर्स) फॉरेस्ट्री और एग्रोफॉरेस्ट्री में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। डॉ. सुमन बोध (पूर्व छात्र) इन्होंने फल विज्ञान (Fruit Science) में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की है। डॉ. सुदर्शना (पूर्व छात्रा) इन्होंने माइक्रोबायोलॉजी विषय में पीएच.डी. की है। डॉ. मोहम्मद हुस्नैन (पूर्व छात्र) इन्होंने वानिकी (Forestry) विषय में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। विशेष बात यह है कि विश्वविद्यालय के ये चारों पूर्व छात्र अपनी पीएच.डी. पूरी करने के बाद वर्तमान में विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में बतौर संकाय सदस्य (फैकल्टी मेंबर्स) देश के भविष्य को संवार रहे हैं।
विश्वविद्यालय के छात्रों को मिले इस सर्वोच्च सम्मान पर हर्ष व्यक्त करते हुए कुलपति (वाइस चांसलर) डॉ. एच.एस. बवेजा ने सभी चयनित छात्रों और पूर्व छात्रों को इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह पूरे विश्वविद्यालय परिवार और हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है कि हमारे संस्थान के शोधार्थी देश की राष्ट्रपति के समक्ष अपने शोध और विचारों को साझा करेंगे। इससे अन्य जनजातीय युवाओं को भी उच्च शिक्षा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।