नौणी यूनिवर्सिटी में NCC कैडेट्स ने सीखी फायरिंग और मैप रीडिंग

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By Hills Post

सोलन: डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में प्रथम हिमाचल (ब्वॉयज) एनसीसी बटालियन, सोलन द्वारा आयोजित 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के दौरान रविवार को कैडेट्स भारी उत्साह रहा। छुट्टी के दिन भी कैडेट्स ने सुबह से लेकर शाम तक विभिन्न कठिन सैन्य अभ्यासों, खेलकूद और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। दिनभर चले इन विशेष सत्रों का मुख्य उद्देश्य युवाओं में कड़ा अनुशासन, कुशल नेतृत्व क्षमता, उच्च शारीरिक दक्षता तथा भारतीय रक्षा सेवाओं के प्रति गहरी जागरूकता व रुचि विकसित करना रहा।

शिविर के मुख्य सत्र के दौरान प्रशासनिक अधिकारी कर्नल ए.एस. सिद्धू ने कैडेट्स को विशेष रूप से संबोधित किया। उन्होंने युवाओं के भीतर राष्ट्रभक्ति का जज्बा भरते हुए कहा कि राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) देश के युवाओं के लिए भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना जैसे सशस्त्र बलों में एक गौरवशाली करियर बनाने का सबसे बेहतरीन व महत्वपूर्ण माध्यम है। एनसीसी के कड़े प्रशिक्षण से मिलने वाले मूल्य जैसे अटूट अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, देशभक्ति और शारीरिक फिटनेस को केवल इस कैंप तक सीमित न रखें, बल्कि इन्हें अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। यह प्रशिक्षण युवाओं को समाज का एक जिम्मेदार नागरिक बनाने के साथ-साथ हर विपरीत परिस्थिति में राष्ट्र सेवा के लिए तैयार करता है।

रविवार के पूरे दिन को कैडेट्स के लिए व्यावहारिक और ज्ञानवर्धक सैनिक विधाओं से लैस किया गया था, जिसमें मुख्य गतिविधियां शामिल रहीं। सुबह के सत्र में कैडेट्स ने मैदान में पसीना बहाते हुए ड्रिल का कड़ा अभ्यास किया, जिससे उनमें आपसी समन्वय और टीम भावना का बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला।

हथियार संचालन के तहत कैडेट्स को .22 राइफल से ड्राई प्रैक्टिस करवाई गई। सेना के अनुभवी जेसीओ और एनसीओ ने कैडेट्स को निशाना लगाने की सही पोजीशन, हथियार को सुरक्षित खोलने-जोड़ने तथा फायरिंग के दौरान बरती जाने वाली सुरक्षा सावधानियों की बारीकियाँ सिखाईं।

सामरिक रूप से महत्वपूर्ण मैप रीडिंग सत्र में कैडेट्स को कंपास की मदद से उत्तर दिशा का निर्धारण करना, मानचित्र को पढ़ना और किसी भी अनजान या कठिन भौगोलिक परिस्थिति में अपने गंतव्य का सही मार्ग खोजना सिखाया गया।

सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ कैडेट्स के बौद्धिक और मानसिक विकास के लिए एक विशेष ‘डिफेंस सर्विसेज प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता’ (Quiz Competition) का आयोजन किया गया। इस क्विज में भारतीय सेना के इतिहास, आधुनिक हथियारों और सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल पूछे गए, जिसमें कैडेट्स ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेकर अपने उत्कृष्ट सामान्य ज्ञान का लोहा मनवाया। इसके अतिरिक्त, शाम के सत्र में विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिनका मुख्य उद्देश्य कैडेट्स की शारीरिक क्षमता को बढ़ाना, खेल भावना को जाग्रत करना और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करना था।

दिनभर की इन कड़ी और ज्ञानवर्धक गतिविधियों के समापन पर सभी सीनियर व जूनियर कैडेट्स के चेहरों पर एक नई ऊर्जा, कड़ा अनुशासन और भारत माता के प्रति समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से झलक रही थी। बटालियन के अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे शिविर का अंतिम लक्ष्य युवाओं को शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से इतना सशक्त बनाना है कि वे भविष्य की हर चुनौती का सामना कर सकें और देश सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहें।

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