नाहन : हिमाचल प्रदेश के ज़िला सिरमौर की बेटियाँ आज अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के बल पर राष्ट्रीय पटल पर अपनी अलग पहचान बना रही हैं। इसी कड़ी में उपमंडल पच्छाद की ग्राम पंचायत लाना मियूँ (डाकघर छपांग) की होनहार बेटी महक शर्मा ने अखिल भारतीय स्तर पर UGC-NET परीक्षा उत्तीर्ण कर पूरे सिरमौर ज़िले का नाम रोशन किया है।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (वेदव्यास परिसर, बलाहर, कांगड़ा) में आचार्य (फलित ज्योतिष) द्वितीय वर्ष की छात्रा महक शर्मा ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर असिस्टेंट प्रोफेसर और Ph.D. प्रवेश (JRF) के लिए पात्रता प्राप्त की है।

महक की शुरुआती पढ़ाई पूरी तरह से स्थानीय और सरकारी शिक्षण संस्थानों से हुई है। उन्होंने दसवीं की परीक्षा गवर्नमेंट हाई स्कूल बसाहं से पास की और जमा दो की पढ़ाई राजगढ़ से पूरी की। संस्कृत भाषा के प्रति अपने गहराव को देखते हुए उन्होंने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन से शास्त्री की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, वेदव्यास परिसर से B.Ed. की पढ़ाई की और वहीं से आचार्य (फलित ज्योतिष) की शिक्षा ग्रहण करते हुए यह ऐतिहासिक सफलता अर्जित की।
महक शर्मा की यह सफलता इसलिए भी प्रेरणादायक है क्योंकि वे एक बेहद साधारण परिवार से आती हैं। उनके पिता ओम प्रकाश शर्मा ज़िला न्यायवादी कार्यालय नाहन में चतुर्थ श्रेणी (Class-IV) कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता लीला शर्मा क्षेत्र में आशा वर्कर के रूप में समाज सेवा कर रही हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद महक ने कभी अपने लक्ष्यों को ओझल नहीं होने दिया। पिता की कर्तव्यनिष्ठा और माता के सेवा भाव ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने का हौसला दिया।
ज्योतिष विद्या शाखा, वेदव्यास परिसर के गुरुजनों और विश्वविद्यालय प्रशासन ने महक को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, निरंतर प्रगति और भारतीय ज्ञान परंपरा व ज्योतिषशास्त्र के संवर्धन के लिए शुभकामनाएं दी हैं। महक की इस सफलता की सूचना मिलते ही पच्छाद क्षेत्र, नाहन और पूरे सिरमौर में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने महक व उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि महक ने यह साबित कर दिया है कि पक्के इरादों और कड़ी मेहनत से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी देश के सर्वोच्च शिखरों तक पहुँच सकते हैं।