नाहन : उपमंडल पांवटा साहिब के अंतर्गत आते गाँव टोका नगला के वीर सपूत और भारतीय सेना की 156 फील्ड रेजिमेंट (देहरादून) में सेवारत गनर मुकेश कुमार आज पंचतत्व में विलीन हो गए। शुक्रवार सुबह उनका पार्थिव शरीर सेना के विशेष वाहन में उनके पैतृक गाँव टोका नगला पहुँचा, जहाँ जैसे ही शहीद का शव घर की दहलीज पर रखा गया, वैसे ही पूरे गाँव में चीख-पुकार मच गई। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, जिन्हें ढांढस बंधाने के लिए हर आँख नम दिखी।
इसके बाद जवान की अंतिम यात्रा उनके पैतृक गाँव से शुरू होकर बाता नदी के तट पर पहुँची। अंतिम यात्रा के दौरान पूरे रास्ते में भारी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। ‘भारत माता की जय’ और ‘गनर मुकेश कुमार अमर रहे’ के गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

बाता नदी के किनारे बने श्मशान घाट पर भारतीय सेना के जवानों की टुकड़ी ने अपने जांबाज साथी को पूरे सैन्य प्रोटोकॉल के साथ अंतिम विदाई दी। सेना के जवानों ने हवा में गोलियां दागकर (सैनिक सलामी) और मातमी धुन बजाकर गनर मुकेश कुमार को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी गई।
अंतिम संस्कार के इस बेहद भावुक क्षण में भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब व शिलाई के पदाधिकारियों सहित स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। पूर्व सैनिक संगठन की ओर से कैप्टन नारायण सिंह बिरसानटा, कैप्टन मामराज चौहान, सचिव ओम प्रकाश चौहान और कोषाध्यक्ष इंदर सिंह ने जवान के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। संगठन ने एक बार फिर सरकार और जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को तुरंत हर संभव वित्तीय और सामाजिक सहायता प्रदान करने की मांग दोहराई है।
गौरतलब है कि 28 वर्षीय जांबाज सैनिक मुकेश कुमार, जो 2015 में सेना में भर्ती हुए थे, हाल ही में 30 दिन की छुट्टी पर घर आए थे। बीते कल (21 मई) खेत में काम करते समय वह अचानक 11 केवी हाई वोल्टेज बिजली लाइन की चपेट में आ गए थे, जिससे उनका आकस्मिक निधन हो गया था। आज बाता नदी के किनारे उनके अंतिम संस्कार में उमड़े जनसैलाब ने नम आँखों से देश के इस रक्षक को विदा किया।